नई दिल्ली। कोरोना सार्स-कोव-2 वायरस दिमाग सहित पूरे शरीर में फैलता है। यह ठीक होने के बाद भी आठ महीने तक शरीर में रहता है। कोविड-19 से मरे लोगों के शवों के ऊतकों के नमूनों के विश्लेषण में इसका खुलासा हुआ।
यूएस नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (एनआईएच) की रिसर्च में अप्रैल 2020 से मार्च 2021 तक किए पोस्टमार्टम के परीक्षण में ये तथ्य सामने आया है। उन्होंने 11 संक्रमितों में दिमाग और तंत्रिका तंत्र के नमूने लिए। इन मरीजों की कोविड-19 से मौत हो गई। जांच में पता चला और किसी को कोविड-19 का टीका नहीं लगा था। परीक्षण के दौरान खून में प्लाज्मा ने सार्स-सीओवी-2 के संक्रमण की पुष्टि हुई। इनमें तीन संक्रमित ऐसे निकले जिन्हें प्लाज्मा चढ़ाया था। कोरोना सार्स-कोव-2 वायरस दिमाग सहित पूरे शरीर में फैल जाता है।
30 प्रतिशत महिलाएं रोगी
इनमें 30 प्रतिशत रोगी महिलाएं थीं। जिनकी औसत आयु 62 वर्ष के आसपास थी। 61 प्रतिशत मरीजों को अन्य बीमारियां थीं। इन शवों में संक्रमण शुरू होने से मृत्यु तक का अंतराल 18 दिन था। अध्ययन से पता चलता है कि कोविड-19 मुख्य रूप से वायुमार्ग और फेफड़ों को संक्रमित और क्षतिग्रस्त करता है।
शरीर के हिस्सों में मिले आरएनए
शोधकर्ताओं को शरीर के अलग-अलग हिस्सों में आरएनए मिला। शोध के दौरान एक मरीज के हाइपोथैलेमस और सेरिबैलम में और दो की रीढ़ की हड्डी और बेसल गैन्ग्लिया में सार्स-सीओवी-2 आरएनए के अलावा इसके प्रोटीन का पता चला। अध्ययन में दिमाग के ऊतकों को शरीर के अन्य अंगों की तुलना में कम नुकसान हुआ है।

