उत्तरप्रदेश: कोरोना वायरस संक्रमण की तीसरी लहर बेहद तेज रफ्तार से बढ़ रही है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गुरुवार को कोरोना विस्फोट हुआ है। वही प्रदेश भर में 24 घंटे में 3121 मामले सामने आए हैं। कोविड पोर्टल पर दोपहर 3:00 बजे तक जारी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश भर में 1 मौत भी दर्ज की गई है। वहीं 47 मरीज डिस्चार्ज भी किये गए हैं।
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गौतमबुद्ध नगर, गाज़ियाबाद, मेरठ, लखनऊ में विस्फ़ोट
यूपी के कई जिलों में कोरोना संक्रमण को लेकर सारे रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए हैं। कई जिलों में पहली बार रिकॉर्ड तोड़ मामले सामने आए हैं। 24 घण्टे में मिलने वाले मरीजों का आंकड़ा कई सौ गुना बढ़ गया है। इसके मद्देनजर गौतमबुद्धनगर में 600 मरीज संक्रमित मिले हैं। जबकि ग़ाज़ियाबाद में 382, मेरठ में 401 जबकि लखनऊ में 408 मरीज सामने आए हैं। इतनी अधिक संख्या में मरीज मिलने से शासन -प्रशासन में हड़कंप मच गया है। वाराणसी में 126, मुरादाबाद में 111 जबकि आगरा में 131 मरीज सामने आए हैं।
लापरवाही पड़ रही भारी
कोरोना संक्रमण को लेकर अलर्ट के बावजूद शासन-प्रशासन के कोविड-रोकथाम के दावे सिफर साबित हुए हैं। वेस्टयूपी में लगातार चल रही चुनावी रैली और त्योहारी सीजन के दौरान बरती गई लापरवाही भारी पड़ रही है। तमाम प्रयासों के बाद भी न जिलों में कोरोना प्रोटोकॉल कोई पालन नहीं किया गया। लोग बेखौफ बिना मास्क घूम रहे हैं।
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नहीं जागा पुलिस-प्रशासन
कोरोना की बीती दो लहरों में मची अफरा-तफ़री के बाद भी पुलिस-प्रशासन नींद से नहीं जागा। नए साल पर जश्न के आयोजन होते रहे, लेकिन कोरोना नियमों का कहीं पालन नहीं हुआ। इसी का नतीजा है कि मात्र हफ्ते भर में ही कोरोना के संक्रमित मामलों की रफ्तार तीन गुना से भी ज्यादा बढ़ गई है। यह पहली बार है जब कई जिलों में संक्रमित मरीजों का आंकड़ा सबसे ज्यादा मिला है। इसके साथ ही कम उम्र के बच्चों और महिलाओं को भी वायरस तेजी से अपना शिकार बना रहा है।

