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कोरोना इफेक्ट : सरकारी स्कूलों में बढ़ी बच्चों की संख्या,प्राइवेट में हो रही कम


कोरोना इफेक्ट : सरकारी स्कूलों में बढ़ी बच्चों की संख्या,प्राइवेट में हो रही कम

देहरादून। सन 2000 में आया कोरोना (Corona) आज भी लोगों की जिंदगी में नासूर बना हुआ है। इससे जहां लाखों लोगों की जान गई है। वहीं इससे कई परिवारों की रोजी रोटी भी छीन लिया। अपने बच्चों के लिए भविष्य के जो सपने परिजनों ने देखे थे। उस पर भी कोरोना ने ग्रहण लगा दिया। प्रदेश में भी कोरोना का काफी गहरा असर पड़ा है। हालात ये हैं कि कोरोना के चलते आर्थिक रूप से टूटे परिवार अब अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल से निकालकर सरकारी स्कूल में पढ़ने के लिए भेज रहे हैं। यहीं कारण है कि पिछले दो सालों में प्रदेश के सरकारी स्कूल में छात्रों की संख्या बढ़ी है। वहीं प्राइवेट स्कूल में ये संख्या कम हो रही है। इस वैश्चिक महामारी के चलते पहली और दूसरी लहर के बाद से प्राइवेट स्कूलों की हालात काफी खराब हुई है। प्राइवेट स्कूलों में बच्चे नहीं होने से स्टाफ को निकाला जा रहा है।

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वहीं नौकरी न होने या बिजनेस ठप होने पर अभिभावक अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल से नाम कटा रहे हैं और सरकारी स्कूलों में एडमिशन करा रहे हैं। हालात यह हैं कि प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या करीब 44 हजार बढ़ी है। जबकि कोरोना के बाद से निजी स्कूलों की तुलना में सरकारी स्कूल अब पसंद बन रहे हैं। वहीं शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि सरकारी स्कूल में 10 प्रतिशत बच्चों की वृद्धि हर स्कूल में हुई है। प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों 44 हजार छात्रों की वृद्धि हुई है।

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