झारखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री केएन त्रिपाठी का नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला सीधे रूप से मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर के बीच होना निश्चित होगा। इसके अलावा खड़गे ने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. वहीँ शशि थरूर ने आज कहा कि अगर कांग्रेस में जो चल रहा है वही चाहिए तो खड़गे जी को वोट दीजिये और अगर बदलाव चाहिए तो हमें मौका दें.
बता दें कि कांग्रेस के 80 वर्षीय नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपना इस्तीफ़ा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेज दिया है. उन्होंने यह कदम उदयपुर में आयोजित ‘चिंतन शिविर’ में ‘एक व्यक्ति एक पद’ का सिद्धांत लागू होने पर किया, बता दें कि इसी सिद्धांत की वजह से ही अशोक गेहलोत ने अध्यक्ष पद के चुनाव से अपने कदम पीछे वापस खींचे थे।
बहरहाल तीसरे प्रत्याशी का नामांकन रद्द होने के बाद अब यह स्पष्ट हो गया कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए मुख्य मुकाबला मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर के बीच होगा. खड़गे एक दलित नेता हैं और कर्नाटक की राजनीती में काफी महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं. मल्लिकार्जुन खड़गे ने 14 सेट में नामांकन दाखिल किया था, दिलचस्प बात यह थी कि उनके प्रस्तावकों में आनंद शर्मा, भूपेंद्र हुड्डा, पृथ्वीराज चव्हाण और मनीष तिवारी जैसे नेता भी शामिल हैं जिन्हें गाँधी फैमिली विरोधी गुट का बताया जाता है.
इससे पहले शशि थरूर ने आज अपने बयान से यह बताने की कोशिश कि मल्लिकार्जुन खड़गे गाँधी परिवार के उम्मीदवार हैं, हालाँकि सोनिया गाँधी पहले ही कह चुकी हैं कि उनका समर्थन किसी एक साथ नहीं है, यानि वो पूरी तरह से निष्पक्ष हैं. फिर भी थरूर का ये कहना कि आज की जैसी कांग्रेस चाहिए तो खड़गे को वोट दीजिये, एक तरह से गाँधी परिवार पर हमले से कम नहीं है.

