Gujarat Chunavi Dangal :कांग्रेस पार्टी पर आरोपों की झड़ी लगाकर पार्टी छोड़ने वाले हार्दिक पटेल को अब कांग्रेस पार्टी का जवाब मिला है. कांग्रेस ने पहले तो उन्हें विश्वासघाती कहा, फिर कहा कि दरअसल कांग्रेस पार्टी में पाटीदार नेता नरेश पटेल के आने की चर्चा से उनके मन असुरक्षा का भाव घर कर गया था और इसी वजह से वह पिछले दो महीने से भाजपा के संपर्क में थे आज उनके पत्र की भाषा से भी यह स्पष्ट हो गया.
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दरअसल गुजरात के प्रभारी रघु शर्मा ने बताया कि कम उम्र होने के बावजूद कांग्रेस पार्टी ने उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष बनाया, उनको उचित मां सम्मान दिया, उन्होंने कहा कि दरअसल जब से पाटीदार समुदाय के लोकप्रिय नेता नरेश पटेल के कांग्रेस से जुड़ने की चर्चाएं शुरू हुई हार्दिक अपने आपको असुरक्षित महसूस करने लगे थे, पिछले दो महीनों से आप उनकी गतिविधियों को देखें तो पाएंगे कि उनका रुझान भाजपा की ओर हो रहा था, हार्दिक पटेल के आरोपों को रघु शर्मा ने कहा कि वह अवसरवादी हैं, उनके खिलाफ दर्ज मामले ऐसे ही वापस नहीं हो गए, यह जनता है सब जानती है.
वहीँ राज्यसभा सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने हार्दिक के इस्तीफे के पीछे भाजपा का हाथ बताया, उनका कहना था कि भाजपा ने गुजरात में अपनी हार के डर हार्दिक के इस्तीफे की साज़िश रची है. हार्दिक पटेल का इस्तीफ़ा कोई चौंकाने वाला इवेंट नहीं था, गुजरात कांग्रेस में जो चल रहा था उसको देखते हुए इस बात की आशंका काफी पहले से जताई जा रही थी.
दरअसल हार्दिक पटेल कार्यकारी अध्यक्ष बनने से खुश नहीं थे, गुजरात में वह अपनी कुछ बड़ी भूमिका चाहते थे, राज्य के नेतृत्व से उनकी नाराज़गी पहले ही चल रही थी और जब प्रशांत किशोर नरेश पटेल को सामने रखकर कांग्रेस के लिए योजना बनाने लगे तो उनकी नाराज़गी और उभरकर सामने आ गयी. पाटीदार समुदाय में उनको अपनी जगह कमज़ोर पड़ती नज़र आने लगी.
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PK के कांग्रेस से सम्बन्ध टूटने के बाद हार्दिक बार्गेनिंग का खेल खेलने लगे मगर कांग्रेस नेतृत्व ने उनका यह खेल आगे नहीं बढ़ने दिया। 10 मई को गुजरात आकर भी राहुल गाँधी का हार्दिक को बात के लिए समय देना हार्दिक को बहुत नागवार गुज़रा इसीलिए हार्दिक के इस्तीफे में भड़ास राहुल गाँधी पर ही निकली है. हार्दिक ने अभी तो भाजपा ज्वाइन नहीं की है लेकिन राजनीतिक गलियारों में उनका भाजपा में जाना तय माना जा रहा है.

