पश्चिम यूपी से मिलेगी कांग्रेस को संजीवनी!

उत्तर प्रदेशपश्चिम यूपी से मिलेगी कांग्रेस को संजीवनी!

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पश्चिम यूपी से मिलेगी कांग्रेस को संजीवनी!

जय जवान-जय किसान अभियान से किसानों में पैंठ बनाने का प्रयास
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी 10 फरवरी को सहारनपुर से शुरू करेंगी अभियान

न्यूज डेस्क। लंबे अरसे से वेस्ट यूपी में राजनीतिक धरती की तलाश में जुटी कांग्रेस को किसान आंदोलन से आशा की किरण दिखाई दी है। कृषि कानूनों के खिलाफ लामबंद हो रहे किसानों के जरिये कांग्रेस अपनी खो चुकी राजनीतिक जमीन को वापस पाने का प्रयास कर रही है। कृषि कानूनों को लेकर शुरूआत से किसानों के साथ खड़ी कांग्रेस अब वेस्ट यूपी में जय जवान-जय किसान अभियान शुरू करने जा रही है। कल यानी 10 फरवरी को सहारनपुर से कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी इस अभियान की शुरूआत करेंगी। एक समय में वेस्ट यूपी में अपना प्रभाव रखने वाली कांग्रेस को किसानों का साथ मिला तो यूपी ही नहीं बल्कि केंद्र तक के राजनीतिक समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।

कृषि कानूनों के खिलाफ जहां दिल्ली की सीमाओं पर किसान धरना दे रहे हैं वहीं इस मुद्दे को लेकर आयोजित की जा रही किसान महापंचायतों में भारी संख्या में उमड़े किसान लामबंद हो रहे हैं। किसान आंदोलन की शुरूआत से ही कांग्रेस किसानों की मांग को जायज ठहराते हुए उनको समर्थन दे रही थी। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और राहुल गांधी लगातार किसानों के समर्थन में बयान जारी कर सरकार पर दबाव बना रहे थे। लेकिन किसान आंदोलन का सबसे बड़ा फायदा राष्ट्रीय लोकदल को मिला जब भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने जयंत चैधरी और रालोद को अपना समर्थन दे डाला। इसके बाद से रालोद वेस्ट यूपी में जगह-जगह महापंचायत आयोजित कर किसानों को लामबंद कर रही है। इन महापंचायतों के जरिये रालोद किसान वोट बैंक में भी पैंठ बना रही है।

ऐसे में वेस्ट यूपी में अपने घटते प्रभाव को लेकर चिंतित कांग्रेस ने जय जवान-जय किसान अभियान के जरिये किसानों तक पहुंच बनाने की ठान ली है। कल सहारनपुर से अभियान की शुरूआत कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी करने जा रही हैं। इस अभियान को वेस्ट यूपी के हर जिले की तहसीलों से लेकर बड़े गांवों तक ले जाने की रूपरेखा तैयार की जा चुकी है। किसान आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने वाले जिले जैसे सहारनपुर, मेरठ, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, बिजनौर, हाथरस, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, बदायूं, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, बरेली, रामपुर, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई सहित 27 जिले कांग्रेस की प्राथमिकता में हैं।

बताया जा रहा है कि दस दिवसीय जय जवान-जय किसान अभियान में कांग्रेस के कई बड़े नेता शामिल होंगे। निर्मल खत्री, प्रमोद तिवारी, हरेंद्र मलिक, इमरान मसूद, राजबब्बर, दीपक सिंह, नसीमुद्दीन सिद्दीकी, सचिन पायलट, रणदीप सुरजेवाला, हार्दिक पटेल, नवजोत सिंह सिद्धू, दीपेंद्र हुड्डा, मीम अफजल, बेगम नूर बानो, पी.एल पुनिया, प्रदीप माथुर, राशिद अल्वी, विजेंदर सिंह, इमरान प्रतापगढ़ी, पंकज मलिक, विश्वेंद्र सिंह, प्रवीण एरन, आचार्य प्रमोद कृष्णन, जफर अली नकवी, अरुण यादव, आर.के चैधरी जैसे बड़े कांग्रेस नेता जगह-जगह पर संपर्क कर अभियान को सफल बनाने का प्रयास करेंगे।

एक समय था जब वेस्ट यूपी मेें कांग्रेस का प्रभुत्व था और यहां का भारी वोट बैंक कांग्रेस के लिये राजनीतिक गलियारों की सीढ़ी भी था। मगर किसानों से कांग्रेस की बढ़ती दूरियों के बीच अन्य पार्टियों को मौका मिला और वह किसानोें के जरिये राजनीतिक पैंठ बनाने में कामयाब रहीं। ऐसे में यदि सत्तारूढ भाजपा के खिलाफ हो रहे किसानों को कांग्रेस लुभाने में कामयाब रही तो पश्चिम यूपी की मजबूत राजनीतिक जमीन के जरिये वह न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि केंद्र के राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित कर सकती है। पूर्व में भी अनेक कांग्रेस नेता वेस्ट यूपी की किसान जातियों खास कर- हिंदू, मुस्लिम, जाटों और गुर्जरों मेें पैंठ बनाकर देश की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त कर चुके हैं। ऐसे में वेस्ट यूपी एक बार फिर कांग्रेस के लिये संजीवनी साबित हो सकती है।

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