नई दिल्ली। राष्ट्रपति चुनाव नजदीक आने के साथ ही अब राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। दोनों ही पक्ष सियासत को लेकर आमने सामने हैं। पक्ष और विपक्ष की ओर से बयानबाजी का दौर जारी है। सियासत इतनी गहरा गई है कि कौन क्या कह रहा है ये उसको भी खुद नहीं पता है। इस बीच दोनों पक्षों की ओर से बयानबाजी तेज होने के बीच ही कांग्रेस नेता अजय कुमार ने एनडीए राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू पर टिप्पणी करके विवाद को जन्म दे दिया।
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कांगेस नेता ने कहा कि द्रौपदी मुर्मू शालीन हैं। लेकिन वो देश की बुरी विचारधारा का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। अजय कुमार ने कहा कि हमें द्रोपदी मुर्मू को आदिवासियों की विचारधारा के प्रतीक के रूप में नहीं देखना चाहिए।
अजय कुमार ने कहा कि मोदी सरकार लोगों को बेवकूफ बनाने का काम कर रही है। रामनाथ कोविंद देश के राष्ट्रपति हैं। लेकिन देश में अनुसूचित जाति के लोगों पर अत्याचार होते रहे। यहां तक कि राष्ट्रपति ने हाथरस की घटना पर एक भी शब्द नहीं बोला। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का काम ही प्रतीक बनाना और देश के लोगों को बेवकूफ बनाना है। राष्ट्रपति का चुनाव देश की आत्मा की लड़ाई है।
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यशवंत सिन्हा को राष्ट्रपति पद के लिए कांग्रेसी नेता ने सबसे अच्छा उम्मीदवार बताया। उन्होंने कहा कि वह एक अच्छे व्यक्ति हैं। समान विचारधारा वाले सभी दलों को विपक्षी उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के लिए वोट करना चाहिए। इससे पहले यशवंत सिन्हा ने एक बयान में कहा था कि वह राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद सरकारी एजेंसियों का गलत इस्तेमाल रोक लगाने का काम करेंगे। सिन्हा ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की तुलना खामोश राष्ट्रपति से की और कहा कि पिछले पांच साल से राष्ट्रपति भवन में खामोशी का दौर देखा है। जबकि देश के राष्ट्रपति को उस दौर में कई मुद्दों पर बोलना चाहिए था।

