अमित बिश्नोई
प्रधानमंत्री मोदी का विजय रथ रोकने और केंद्र की सत्ता में वापसी को बेकरार देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस ने राहुल गाँधी की एक और यात्रा का एलान कर दिया। इसबार ये यात्रा एक साल से जल रहे देश के पहाड़ी राज्य मणिपुर के इम्फाल से निकलेगी और महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में जाकर समाप्त होगी यानि भाजपा शासित राज्य से इस यात्रा का प्रारम्भ होगा और समापन भी भाजपा शासित राज्य में होगा, ये अलग बात है कि महाराष्ट्र में मिलीजुली सरकार है. आज दिल्ली में इस यात्रा का आधिकारिक लोगो कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा जारी किया गया और इसके बाद उन्होंने एक प्रेस वार्ता को भी सम्बोधित किया। इस प्रेस वार्ता से कोई खुश हुआ या न हो मगर भाजपा ज़रूर खुश हुई होगी (अगर उनके नेताओं ने सुनी होगी) क्योंकि प्रेस वार्ता के दौरान सवाल जवाब के दौर में कांग्रेस अध्यक्ष ने एक दो सवालों के जिस तरह से जवाब दिए उनसे तो यही लगा जैसे कांग्रेस पार्टी को खुद ही आने वाले लोकसभा चुनाव में वापसी का भरोसा नहीं है, न सिर्फ आने वाले चुनाव में बल्कि अगले कई चुनावों में भी.
पत्रकार के किस सवाल पर कांग्रेस अध्यक्ष के मुंह से ये बात निकली उससे पहले आपको बता दें कि कांग्रेस पार्टी ने आज भारत जोड़ो न्याय यात्रा को लेकर जो लोगो जारी किया वो दो हिस्सों में है। एक हिस्से में लिखा है भारत जोड़ो न्याय यात्रा और दूसरे हिस्से में लिखा है न्याय का हक़ मिलने तक. पत्रकार ने इसी पर सवाल पूछा कि क्या आपकी ये यात्रा न्याय का हक़ मिलने तक लगातार जारी रहेगी। कांग्रेस अध्यक्ष शायद पत्रकार के फेंके गए जाल को समझ नहीं सके और बोल बैठे कि ये आंदोलन है, ऐसा कहीं होता है कि 15-20 साल तक….. इससे आगे वो कुछ कहते कहते रुक गए और शायद पत्रकार की फेंकी गुगली को समझ गए और उन्होंने फ़ौरन बात को बदलते हुए कहा कि न्याय हमें आप लोग ही दिला सकते हो.
लेकिन समझने वाले समझ गए कि मल्लिकार्जुन खरगे क्या कहना चाह रहे थे, उनका मतलब शायद ये था कि 15-20 साल तक कहीं यात्रा चलती है, दूसरे शब्दों में आप ये भी समझ सकते हैं कि खरगे को मालूम है कि हो सकता है कि 15-20 साल तक न्याय का हक़ न मिले, मतलब 15-20 साल भाजपा न हटे, मतलब 15-20 साल कांग्रेस की वापसी न हो. खरगे यहीं पर नहीं फंसे, वो राम मंदिर के उद्घाटन के लिए न्योते पर भी फंसते नज़र आये. उनसे जब सवाल पूछा गया कि आपको राम मंदिर उद्घाटन समारोह का न्योता मिला है तो आपने क्या फैसला लिया है और पार्टी के नेताओं को क्या सन्देश दिया है. इस सवाल को भी बाउंसर समझकर वो डक कर गए और सिर्फ इतना ही कहा कि जल्द ही वो इसपर निर्णय लेंगे। इंडिया गठबंधन के पदाधिकारियों के नाम के सवाल को भी खरगे ने कौन बनेगा करोड़पति जैसा सवाल बताया। कहने का मतलब आज की प्रेस कांफ्रेंस में खरगे में वो आत्मविश्वास दिखाई नहीं दिया जो पिछले 6 महीनों के दौरान उनके बयानों, उनके भाषणों में दिखाई देता था.
सवाल यही है कि क्या राहुल गाँधी की भारत जोड़ो यात्रा पार्ट 2 जिसे न्याय यात्रा कहा जा रहा है पार्ट 1 की तरह कामयाब हो पायेगी। क्या भारत जोड़ो यात्रा से उत्साहित कांग्रेस पार्टी विधानसभा चुनाव के नतीजों से निरुत्साहित हुई है. क्या उसके जोश में उसके विशवास में कमी आयी है. खरगे जैसे इतने सीनियर नेता के मुंह से 15-20 साल की बात निकलना कई संकेत दे रहा है. खरगे की भाषा और बॉडी लैंग्वेज भी इस बात की तस्दीक कर रही थी कि जुबां पर कुछ और है और मन में कुछ और जो पूरी तरह से निकलते निकलते रह गया. भाजपा वाले खरगे की प्रेस वार्ता ज़रूर सुन रहे होंगे। अभी तक तो उनके ट्विटर हैंडल पर इस बयान के बारे में कुछ नहीं आया. वैसे इस तरह की छोटी छोटी बातें पकड़ने में भाजपा का आई टी सेल माहिर है, पता नहीं अभी तक इस बात को लेकर ट्वीट सॉरी एक्स क्यों नहीं किया।

