Condom Market: पांच साल में कंडोम का बाजार दोगुना हो गया है। कोरोना संक्रमण काल में कंडोम की बिक्री में तेजी से उछाल आया है। कंडोम की बिक्री का बाजार भारत में ही बल्कि दुनिया के अन्य देशों में तेजी से बढ़ा है। दुनिया में कंडोम की मांग तेजी से बढ़ी है। जिससे इसका बाजार भी बढ़ रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले 10 साल में 9.5 प्रतिशत सीएजीआर बढ़ने की उम्मीद है। कंडोम का बाजार 2032 तक 17.2 अरब डॉलर यानी (14,09,80,66,00,000 रुपए) के पार पहुंचने की संभावना है। इस समय कंडोम की सबसे अधिक डिमांड चीन, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के लोग कर रहे हैं। भारत में 9.5 प्रतिशत CAGR से कंडोम बाजार बढ़ रहा है। वहीं बाजार में कोरोना महामारी 2019 के बाद से लेटेक्स कंडोम की डिमांड अधिक बढ़ी है।
एशिया पैसिफिक क्षेत्र में सबसे कंडोम की मांग सबसे अधिक है। जनहित में जारी, छतरीवाली और हेलमेट जैसी फिल्में कंडोम (Condom) पर फोकस हैं। एक्टर्स और एक्ट्रेसेस बोल्ड होकर कंडोम की बात करते हैं। इसका दर्शकों से भी अच्छा रिस्पांस मिला था। बीते कुछ सालों में कंडोम को लेकर जागरुकता बढ़ी है। इससे कंडोम का बाजार जोरदार ग्रोथ पर है। पुरूष ही नहीं महिला कंडोम (Female Condom) की डिमांड बाजार में तेजी से बढ़ी है।
बाजार डॉट यूएस की रिपोर्ट के मुताबिक, कॉन्डम का बाजार इतनी तेजी से बढ़ा है कि इसके साल 2032 तक 17.2 अरब डॉलर पार पहुंच जाने की संभावना है। साल 2022 में ग्लोबल कंडोम बाजार (Global Condom Market) 7.1 अरब डॉलर था। इस तरह यह 10 साल में दोगुना से अधिक बढ़ने की संभावना है। ग्लोबल कंडोम मार्केट के आने वाले 10 साल में 9.5 प्रतिशत CAGR से बढ़ने की संभावना है। पुरुषों द्वारा सही तरीके से उपयोग करने पर कंडोम गर्भावस्था और एचआईवी जैसे अन्य यौन रोगों से बचाव करता है।
लेटेक्स कंडोम की डिमांड अधिक
साल 2022 में ग्लोबल कंडोम बाजार 7.1 अरब डॉलर का रहा था। कंडोम के टाइप और इसके मटेरियल की बात करें, तो पिछले साल लेटेक्स कॉन्डम (Latex Condom) बाजार में छाया रहा। आज भी लोगों के बीच लेटेक्स कंडोम की डिमांड अधिक है। कंडोम बनाने वाली कंपनियां सबसे अधिक लेटेक्स कंडोम ही बना रही हैं।

