सीएम योगी हुए पाॅजिटिव, भाजपा नेगेटिव

उत्तर प्रदेशसीएम योगी हुए पाॅजिटिव, भाजपा नेगेटिव

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सीएम योगी हुए पाॅजिटिव, भाजपा नेगेटिव

सीएम के संपर्क में आने वाले भाजपा नेताओं में मची खलबली
असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडू और केरल में की थी रैलियां

सुनील शर्मा

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की कोरोना रिपोर्ट पाॅजिटिव आने के बाद भाजपा संगठन में माहौल नेगेटिव हो गया है। हाल ही में उनके संपर्क में आनेे वाले भाजपाईयों को अपनी चिंता सताने लगी है। क्योंकि सीएम योगी आदित्यानाथ भाजपा के स्टाॅर प्रचारकों में शुमार हैं और उन्होंने हाल ही में असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडू और केरल में हो रहे विधानसभा चुनाव में अनेक रैलियों को संबोधित किया है। उनके संपर्क में भाजपा के शीर्ष नेता भी आये थे और अब उनको भी कोरोना जांच कराना अनिवार्य है। ऐसे मंे इन नेताओं को खुद के कोरोना पाॅजिटिव होने की चिंता सताने लगी है।

सूबे के मुख्यमंत्री और भाजपा के स्टाॅर प्रचारक योगी आदित्यनाथ अपनी कोरोना रिपोर्ट पाॅजिटिव आने के बाद होम आइसोलेशन में हैं। मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से ट्वीट कर यह जानकारी देते हुए अपने संपर्क में आने वाले लोगों से कोरोना जांच कराने की अपील की है। सीएम ने खुद के सभी काम वर्चुअली संपादित करने की जानकारी देते हुए संपर्क में आये लोगों से एहतियात बरतने की अपील की है।

सूबे का मुख्यमंत्री होने के नाते सीएम योगी आदित्यनाथ का अपने संपर्क में आये लोगों की चिंता करना और उनसे एहतियात बरतने की अपील करना निःसंदेह सराहनीय है। मगर एक सवाल यहां पर ये खड़ा होता है कि जब पूरे देश में कोरोना संक्रमण तेजी से पैर पसार रहा हो, जब अस्पतालों में बेड और श्मशानों में शव जलाने के लिये जगह कम पड़ रही हो तो ऐसे में राजनीतिक दलों का चुनावी रैलियां आयोजित कर लाखों की भीड़ जुटाना जायज माना जा सकता है। क्या सीएम योगी और अन्य राजनीतिक दलों ने एक बार भी इसकी ओर चिंता जताई और रैलियों में लोगों का इकट्ठा होने का विरोध किया।

निःसंदेह लोग यह भी कहेंगे की सपा मुखिया अखिलेश यादव के साथ अन्य राजनीतिक दलों के नेता भी तो कोरोेना पाॅजिटिव होे रहे हैं तो भाजपा पर ही सवाल क्यों। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि वर्तमान में केेंद्र सरकार के सत्ता सिंहासन पर भारतीय जनता पार्टी काबिज है। ऐसे में उनकी जिम्मेदारी अन्य राजनीतिक दलों से कहीं अधिक है। क्योंकि यह शाश्वत सत्य है कि सत्ता विहिन राजनेताओं के मुकाबले सत्तारूढ नेताओं के ईद-गिर्द चेहरा दिखाने वालों की भीड़ अधिक होती है। यूपी जैसे बडे़ प्रदेश का मुख्यमंत्री होने और भाजपा के स्टाॅर प्रचारकों में शुमार योगी आदित्यनाथ के निकट अनगिनत लोगों की भीड़ अवश्य रही होगी। ऐसे में क्या कोई दावा कर सकता है कि सीएम ने सुपर स्प्रेडर के रूप में कोरोना को नहीं फैलाया होगा।

हम सीएम योगी आदित्यनाथ, सपा मुखिया अखिलेश यादव सहित सभी ऐसे नेता जो कोरोना का शिकार हुए हैं उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं। लेकिन साथ ही उनसे निवेदन भी करेंगे की जब आप भी कोरोना से बच नहीं पाये तो आम लोगों का संक्रमण से बच पाना बेहद मुश्किल है। यह समय राजनीतिक महत्वकांक्षाओं को हासिल करने का नहीं बल्कि जिंदगी बचाने का है। बतौर राजनेता यह आपका कर्तव्य भी है जिम्मेदारी भी।

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