रंगों के पर्व होली की मस्ती बच्चों पर भी सिर चढ़ कर बोल रही है। होली की खुशियों में डूबे बच्चे एक-दूसरे को रंगों से सरोबार कर पर्व का आनंद उठा रहे हैं। एक-दूसरे को गुलाल लगाते, एक साथ मिलकर ‘होली है’ कहकर आसमां को गूंजाते बच्चों की खुशियां त्योहार का उद्देश्य सार्थक कर रही हैं। हर एक व्यक्ति के चेहरे पर खुशी हो, उसका जीवन हसीं-खुशी के साथ बीते और जीवन के सब रंग उसके चेहरे पर मुस्कान बनाये रखे यही होली पर्व की मूल भावना है।

रंग भरी पिचकारी से दोस्तों को जमकर रंगा

आयी मस्तानों की टोली, खेलेंगे हम होली।

होली के रंगों से झलकी बच्चों के चेहरे पर खुशियां।

सखियों संग खेली होली तो छा गयी चेहरे पर होली की खुशी।

होली है…, होली की मस्ती में डूबे बच्चों ने दोस्तों संग होली का आनंद उठाया।

कोई न आना पास, मेरे हाथ गुलाल से रंगे हैं.

रंगों के त्योहार पर दोस्तों के साथ ने बढ़ाई पर्व की खुशियां।

होलिया में उडे़ रे गुलाल…

