अलीगढ़। जिले के जाट परिवार एससी एसटी एक्ट में दर्ज फर्जी मुकदमों से परेशान होकर सीएम योगी से गुहार लगाई। परिवार ने एक पोस्टर लिखकर जारी किया है। जिसमें लिखा है कि मुख्यमंत्री जी मुझे फांसी दो,हमारा गुनाह है कि हम जाट हैं। बुजुर्ग महिला सहित मासूम बच्चों में अपने घरों की दीवारों पर एससी एसटी एक्ट में दर्ज फर्जी मुकदमों से परेशान होकर दीवारों पर पोस्टर चिपका दिए है। इतना ही नहीं मासूम बच्चों सहित पूरे परिवार के लोगों को मुख्यमंत्री के हाथों फांसी दिए जाने की मांग की है।
दीवार पर चिपकाएं पोस्टर में लिखा है कि अब हमको कानून पर भरोसा नहीं रहा। हमारी संपति को कुर्क कर लिया जाए और हमारे परिवार के सदस्यों को फांसी की सजा दे दी जाए। हम एससी एसटी एक्ट से परेशान हो गए हैं। हमारे तीनों निर्दोष बच्चों को 2008 से जेल भेजा जा रहा है। परिवार फर्जी मुकदमों से टूट चुका है ।
बता दें 15 अक्टूबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अलीगढ़ दौरा प्रस्तावित हैं। ठीक उससे एक दिन पहले पीड़ित परिवार के द्वारा इच्छामृत्यु की मांग की है। जिसको लेकर सियासी गलियारों में बवाल मच गया है। वहीं दूसरी ओर पीड़ित परिवार द्वारा मांग पूरी ना होने पर आत्मदाह करने की चेतावनी दी है।
जानकारी के मुताबिक उप्र के जिला अलीगढ़ की कोतवाली इगलास के हस्तपुर गांव में एक चौधरी परिवार ने अपने ऊपर एससी एसटी के दर्ज मुकदमों से तंग होकर सीएम योगी से गुहार लगाई है। महिला ने मासूम तीन बच्चों के संग पोस्टर जारी किया है । बता दें कि एससी एसटी के मुकदमों को लेकर बीते दिनों गांव में महापंचायत बुलाई थी। जहां पर गांव के जाट वर्ग के लोग इकट्ठा हुए थे। जैसे ही पुलिस को इसकी सूचना मिली तो पुलिस ने महापंचायत करने वाले लोगों पर मुकदमा दर्ज कर लिया। इसके बाद पुलिस ने वहां मौजूद लोगों को न्याय का आश्वासन दिला पंचायत को भी खत्म कराया ।

