देहरादून। दो साल कोरोना संक्रमण काल में स्थगित रही चार धाम यात्रा इस बार पूरी तैयारी के साथ शुरू करने का दावा उत्तराखंड सरकार ने किया था। खुद प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी यात्रा की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने सभी चार धामों में मौके पर जाकर तैयारियों की समीक्षा की।
लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जमीनी व्यवस्थाओं को दुरूस्त करने के चक्कर में कुछ ऐसी व्यवस्थाओं को चौकस करने में चूक गए। जिसके कारण हर साल चार धाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ये है जगह-जगह ओवररेटिंग की शिकायत और रजिस्ट्रेशन आवंटन के स्लाट में गड़बड़ी। इस बार भी यात्रियों को जगह-जगह ओवर रेंटिग का शिकार होना पड़ रहा है। जिसके कारण श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करवाते समय हिदायत दी जाती है कि कही भी कोई ओवररेटिंग करे तो उसकी शिकायत तुंरत हेल्पलाइन नंबर पर करें। श्रद्धालुओं का कहना है कि ओवररेटिंग की शिकायत हेल्पलाइन नंबर पर करने के बाद भी कुछ नहीं होता।
बता दें कि इस बार चारधाम यात्रा पूरे दो साल बाद पटरी पर लौटी। भीषण गर्मी के बीच शुरू हुई चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। दो सप्ताह में ही छह लाख से अधिक श्रद्धालुगण चारधाम की यात्रा कर चुके हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखकर स्थानीय कारोबारियों के चेहरे खिले हैं। यह अलग बात है कि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है।
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हर जगह पर ओवररेटिंग की शिकायत है। इसके अलावा अन्य कहीं पर स्लाट आवंटन में भी गड़बड़ी मिल रही है। समय पर स्लाट नहीं मिलने से श्रद्धालुओं की यात्रा का समय बढ़ाया जा रहा है। यात्रा की अव्यवस्था यहीं नहीं रूकती। श्रद्धालुओं की सुरक्षा में लापरवाही हो रही है। श्रद्धालुओं को जुगाड़बाजी और अनफिट बसों में यात्रा के लिए भेजा जा रहा है।

