अमित बिश्नोई
जश्न के बीच वैरिएंट ऑफ इंट्रेस्ट का खतरा, इस बार बेपरवाह हुए लोग
Celebration on the pile of corona: 4 सालों से दुनिया भर में नए साल का जश्न कोरोना के साथ ही मनाया जा रहा है। लगातार पांचवें साल में भी एक बार फिर कोरोना का खतरा बना हुआ है। दुनिया भर के देश नए वैरिएंट JN.1 से जंग लड़ रहे हैं। विशेष निगरानी की श्रेणी में वर्गीकृत होने के बाद भी लोगों ने अब इसे ठेंगा दिखाना शुरू कर दिया है। नए साल को लेकर जश्न की तैयारी चल रही है। गोवा, केरल जैसे सबसे अधिक कोविड केसेस वाले राज्यों में भी नए साल के जश्न को लेकर लोगों की भीड़ पहुंची हुई है। विदेशी सैलानी भी यहां उमड़े हुए हैं। बावजूद इसके कहीं कोई सख्ती नजर नहीं आ रही है। ऐसे में साफ है कि लोगों के साथ-साथ अब सरकार भी इसके प्रति संजीदा नहीं है।
चार साल का हुआ कोरोना
कोरोना वायरस अब पांचवें साल में लग गया है। वर्ष 2020 में भारत में इसका सबसे पहला मामला सामने आया था। इसके बाद लगातार हर वर्ष कोरोना के नए स्ट्रेन की एंट्री होती आ रही है। आने वाला साल 2024 भी इससे अछूता नहीं है। इसके आगाज के साथ ही नए स्ट्रेन जेएन.1 का खतरा उभर आया है। इससे पहले वर्ष 2021 में कोरोना के डेल्टा वेरिएंट ने जमकर कहर बरपाया था। ऑक्सीजन के साथ ही अन्य चिकित्सा संसाधन की कमी से लाखों लोगों की जान गई थी। इसके बाद 2022 में तीसरी लहर, 2023 में अघोषित चौथी लहर दर्ज की गई थी। अब 2024 के आगाज के साथ ही कोरोना ने भी एंट्री कर ली है।
संक्रमण दर में आने लगी तेजी
कोरोना के नए वेरिएंट के मामले अब तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। विशेषज्ञों की भविष्यवाणी के अनुसार नए वेरिएंट की प्रसार दर अन्य वेरिएंट्स के मुकाबले काफी अधिक तेज है देश में रविवार को 227 दिन बाद सर्वाधिक 841 मामले सामने आए इसके बाद कोरोना केसेस का आंकड़ा बढ़कर 4 हजार से ऊपर पहुंच गया है वैज्ञानिकों का मानना है कि नए वेरिएंट को लेकर अभी बहुत ज्यादा रिसर्च नहीं की गई है इससे होने वाले खतरों को लेकर भी अभी कोई भी रिपोर्ट सामने नहीं आई है वहीं यह भी माना जा रहा है कि ओमिक्रोन के अन्य वेरिएंट्स के मुकाबले नए स्ट्रेन कम जोखिम पैदा करता है लेकिन इसकी प्रसार दर अधिक है।
कोरोना के ढेर पर जश्न
देश में जैसे-जैसे कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं, वैसे-वैसे नई चुनौतियां भी उभर रही हैं। विशेषज्ञों की चेतावनी के अनुसार नया स्ट्रेन रोग प्रतिरोधी क्षमता को भी चकमा देने वाला बताया जा रहा है। माना जा रहा है कि यह वेरिएंट उन लोगों को भी नुकसान पहुंचा सकता है जिन्होंने टीके लगवाए हुए हैं या जिनकी इम्यूनिटी बेहतर है। वहीं इसके स्पाइक प्रोटीन में हुए अतिरिक्त म्यूटेशन के चलते इसकी अधिक प्रसार क्षमता को लेकर भी विशेषज्ञों ने चेतावनी जारी की हुई है। हालांकि तमाम चेतावनियों के बाद भी देश दुनिया में कहीं भी सावधानी बरती हुई नजर नहीं आ रही है ऐसे में माना जा रहा है कि यदि नए साल के जश्न को लेकर जगह जगह भीड़ उमड़ती है तो आने वाले समय में कोरोना बहुत तेजी से फैला नजर आएगा। जिसकी चपेट में सैकड़ो लोगों के आने की संभावना हो सकती है।

