उत्तर प्रदेशI विधानसभा की कवरेज करने वाले पत्रकारों की छटनी का दौर तो पहली ही जारी था, बवाल भी मचा हुआ था, पत्रकारों ने मोर्चा भी खोल दिया था, कुछ नियम कायदे बनाये गए थे और उन पर सख्ती से अमल भी हो रहा है. शिकायत थी कि पत्रकार विधानसभा सभा सत्र की रिपोर्टिंग की जगह उसे सेल्फी पॉइंट समझकर धड़ाधड़ सेफियां खींचकर उसे अपने सोशल प्लेटफॉर्म की ज़ीनत बनाते हैं जिससे नियमों के घोर उल्लंघन के साथ सुरक्षा का भी सवाल उठता है. आज उसी सुरक्षा नियमों के उल्लंघन में दो पत्रकारों के विधानसभा के बजट सत्र के लिए जारी प्रवेश पत्रों को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया।
इन दोनों पत्रकारों पर आरोप है कि इतनी मनाही के बावजूद यह दोनों पत्रकार चलते बजट सत्र के दौरान सेल्फी खींचने में व्यस्त थे. दरअसल सख्ती के बावजूद सेल्फी का सिलसिला चल रहा था लेकिन इसी चक्कर में आज हादसा भी होते होते बचा जिसकी वजह से यह सख्त एक्शन लेना पड़ा. दरअसल अकील सिद्दिकी और क़तील नाम के पत्रकार जब सेल्फी लेने में व्यस्त थे तो इस दौरान वह नीचे वेल में गिरते बचे बचे, यह तो सुरक्षा गार्डों ने उन्हें संभाल लिया वर्ना कोई बड़ा हादसा हो सकता था. सुरक्षा गॉर्ड उन्हें पहले भी कई बार सेल्फी के लिए टोक चुके थे मगर वह ठहरे आज के ज़माने के जर्नलिस्ट, कैसे मानते।
अब इन दोनों महाशय का प्रवेश कार्ड तो रद्द हो ही गया है साथ में मिल रही जानकारी के अनुसार अध्यक्ष विधानसभा द्वारा सभी पत्रकारों पर विधानसभा में मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबन्ध भी लगा दिया गया है. सरकार की इस कार्रवाई पर भी अब दो बातें हो रही हैं, जिन पत्रकारों को विधानसभा का प्रवेश कार्ड जारी हुआ वह अकील और क़तील की इस हरकत से बहुत नाराज़ हैं क्योंकि सरकार ने सख्ती और बढ़ा दी है और मार्शलों की निगरानी भी, वहीँ जिन पत्रकारों को विधानसभा का प्रवेश कार्ड इस बार नहीं मिला उनकी इन दोनों पत्रकारों के साथ हमदर्दी है और वह सरकार पर अपनी भड़ास निकाल रहे हैं.

