न्यूज़ डेस्क – कंबोडिया और थाईलैंड के बीच चल रहा सीमा विवाद अब हिंसा में बदल गया है। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर हमला किया है और अब तक कम से कम 9 आम लोगों की मौत हो चुकी है।
थाईलैंड की सेना ने दो कंबोडियाई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले करने की पुष्टि की है। इसके कुछ ही घंटे पहले दोनों देशों ने अपने राजनयिक संबंधों को न्यूनतम स्तर पर ला दिया था।
कहां और कैसे हुई झड़प?
पहली झड़प गुरुवार सुबह थाईलैंड के सुरिन प्रांत और कंबोडिया के ओद्दार मीनची प्रांत के बॉर्डर पर हुई।
थाई सेना के मुताबिक, ता मुएन थॉम मंदिर के पास 6 कंबोडियाई सैनिक दिखाई दिए, जिनमें से एक के पास रॉकेट लॉन्चर था।
चेतावनी देने के बावजूद, सुबह 8:20 बजे गोलीबारी शुरू हो गई।
कंबोडिया ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी रक्षा में फायरिंग की है।
क्या कहा दोनों देशों ने?
कंबोडियाई सरकार का कहना है कि थाई सेना ने उनकी सीमा में घुसकर हमला किया और यह उनकी संप्रभुता का उल्लंघन है।
थाई सेना ने कंबोडिया पर आरोप लगाया कि उनके सैनिकों ने आम नागरिकों को भी निशाना बनाया और रॉकेट हमले किए।
मौतें और नुकसान
थाई सेना ने बताया कि सबसे ज्यादा मौतें सी सा केट प्रांत में हुईं, जहां एक गैस स्टेशन पर हमले में 6 लोग मारे गए।
तीन सीमावर्ती प्रांतों में 14 लोग घायल हुए हैं।
प्रीह विहार मंदिर के पास भी हवाई हमले की खबर है।
कूटनीतिक कदम
कंबोडिया ने अपने लगभग सभी राजनयिकों को थाईलैंड से वापस बुला लिया है और थाई राजनयिकों को निष्कासित कर दिया है।
थाईलैंड ने सीमा पार आने-जाने पर पाबंदी लगा दी है, जबकि कंबोडिया ने कुछ आयात पर रोक लगाई है।
झगड़े की जड़ क्या है?
विवाद की जड़ है 11वीं सदी का प्रीह विहार मंदिर, जो UNESCO विश्व धरोहर स्थल है।
ये मंदिर कंबोडिया में है, लेकिन थाईलैंड इसे अपने क्षेत्र का हिस्सा मानता है।
2008 में जब कंबोडिया को मंदिर की UNESCO से मान्यता मिली, तभी से विवाद और बढ़ गया।
2011 में भी दोनों देशों के बीच भीषण झड़प हुई थी, जिससे हजारों लोग विस्थापित हुए थे।

