New labour Law & OSH Code:- एक जुलाई से हमारे जीवन से जुड़े कई नियम परिवर्तित हो रहे हैं। वही खबर है कि केंद्र सरकार 1 जुलाई से नए श्रम कानून को लागू कर सकती है। इस नए श्रम क़ानून से कर्मचारियों के काम के घंटे, छुट्टी और पीएफ में बदलाव हो सकता है। जानकारो का कहना है कि नए श्रम कानून में शामिल चार कोड में से एक ‘व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और काम करने की स्थिति संहिता (OSH Code)’ के तहत कर्मचारी को मिलने वाले अप्वाइंटमेंट लेटर पर नियोक्ता कंपनी को आधार नंबर, श्रम पहचान नंबर समेत कई बिंदुओं को दर्शाना अनिवार्य हो जाएगा।
केंद्र सरकार विशेष तौर पर एक वर्ग को राहत देने के उद्देश्य से यह कानून ला रही है। नए श्रम कानून में चार कोड शामिल किए गए हैं। यह कानून संसद में पहले ही पारित हो चुका है अब महज इसे लागू करने की देरी है। वही केंद्र सरकार पहले ही बता चुकी है कि नए श्रम कानून को 1 जुलाई से लागू कर दिया जाएगा। अब देखना यह है कि 1 जुलाई के बाद कर्मचारियों की लाइफस्टाइल में क्या परिवर्तन होता है।
जानकारी के लिए बता दें केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे इस नए श्रम कानून के लागू होने पर कर्मचारियों के काम करने की समय सीमा, पीएफ अंशदान, पेड लीव, सालाना छुट्टियों में बड़ा बदलाव होगा। वही स्वास्थ्य और काम करने की स्थिति संहिता (OSH Code)’ के तहत कर्मचारी को मिलने वाले अप्वाइंटमेंट लेटर में भी कई नए बिंदुओं को दर्शाना नियोक्ता के लिए अनिवार्य हो जाएगा।
नए कानून के आने से अपॉइंटमेंट लेटर पर 15 बिंदुओं का जजिक्र आवश्यक होगा…..
1- कर्मचारी का नाम
2- पिता का नाम
3- आधार नंबर
4- श्रम पहचान नंबर (LIN)
5- यूएएन नंबर (UAN)
6- डिजिग्नेशन
7- स्किल कैटेगरी
8- ज्वाइनिंग की तारीख
9- 2019 कोड के अनुसार वेजेस (Wages as per Code on wages 2019
10- अलाउंस और अकमोडेशन
11- हायर वेजेस या हायर पोजीशन और कर्मचारी की संभावित ग्रोथ का ब्यौरा
12- प्रोवीडेंट फंड और ईएसआईसी के फायदे
13- स्वास्थ्य जांच का ब्यौरा
14- ड्यूटी के विस्तार और संभावित प्रदर्शन का ब्यौरा
15- दूसरी कोई जानकारी

