मेरठ। तीन महीने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है। पिछले कई दिनों से आसमान पर पहुंचे कच्चे तेल के दाम अब 119 डॉलर प्रति बैरल से घटकर 113 डॉलर से नीचे आ गए है। बताया जाता है कि आने वाले महीने जुलाई में कच्चे तेल की कीमतों में और कमी आ सकती है। कच्चे तेल के भाव जुलाई में 100 डॉलर प्रति बैरल तक आ सकते हैं। हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने का लाभ देश के पेट्रोल डीजल के भाव पर नहीं के बराबर पड़ेगा। सरकार अब किसी भी कीमत में पेट्रोल डीजल के दामों में कमी करने की स्थिति में नहीं है। लेकिन अगर क्रूड के दाम कम से कम तीन से पांच सप्ताह तक 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बने रहे तो तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल की मौजूदा कीमत में कुछ राहत प्रदान कर सकेगी। आज मेरठ और अन्य महानगरों में पेट्रोल डीजल की कीमतें अपने पुराने स्तर पर ही टिकी हुई हैं। यानी आज भी कीमतों में किसी प्रकार का बदलाव नहीं हुआ है। क्रूड के दामों में गिरावट कारण वैश्विक मंदी की आशंका मजबूत होना भी बताया जा रहा है। इस समय विश्व के बाजार में क्रूड की मांग कम हुई है।
सरकारी तेल कंपनियों के अधिकारियों की माने तो सिर्फ दो-चार दिन के लिए कच्चे तेल की गिरावट का पेट्रोल डीजल के दाम में कोई फर्क नहीं आएगा। आम जनता को इसकी कीमत में राहत तभी मिलेगी जबकि कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर से नीचे पर बना रहे। बता दें कि मई, 2022 में केंद्र ने पेट्रोल और डीजल के दाम में उत्पाद शुल्क में कटौती की थी। लेकिन इसके बाद तेल कंपनियों ने बताया कि उनको पेट्रोल 9 रुपये प्रति लीटर और डीजल 15 रुपये प्रति लीटर कम पर बेचना पड़ रहा है।

