GDP: एसएंडपी ने चालू वित्त वर्ष 2023—24 में 6 फीसद वृद्धि का अनुमान जताया है। इसके आधार पर भारत जी—20 में सबसे तेजी से बढ़ने वाला अर्थव्यवस्था देश बनेगा। पिछले महीने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने चालू वित्त वर्ष 2023—24 में विकास दर अनुमान बढ़ाकर 6.1 प्रतिशत कर दिया था। एसएंडपी ग्लोबल ने कहा कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी और वैश्विक मंदी से मिल रही चुनौतियों के बावजूद 2031 तक भारतीय अर्थव्यवस्था दोगुना हो जाएगी। इसका आकार 3.4 लाख करोड़ डॉलर से 6.7 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। एजेंसी ने यह भी कहा कि सालाना 6.7 प्रतिशत की औसत वार्षिक दर से जीडीपी बढ़े रही है। विनिर्माण और सेवा निर्यात और उपभोक्ता मांग के चलते अर्थव्यवस्था में ये तेजी बनी रहेगी।
एसएंडपी ने चालू वित्त वर्ष 2023—24 में 6 फीसद की वृद्धि का अनुमान जताया है। इसके आधार पर भारत जी20 में सबसे तेजी से बढने वाली अर्थव्यवस्था होगी। पिछले महीने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने चालू वित्त वर्ष 2023—24 में विकास दर अनुमान को 6.1 प्रतिशत तक किया था। आरबीआई ने 6.5 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान जताया है। एसएंडपी को उम्मीद है कि प्रति व्यक्ति जीडीपी 4,500 डॉलर तक बढ़ेगी।
निवेश की सीमित गुंजाइश
वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन का मानना है कि निवेश दर को 29 फीसद से बढ़ाकर कम से कम 35 फीसद करने की जरूरत है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश सहित निजी क्षेत्र को भी निवेश की दर बढ़ानी होगी। भारत सरकार के पास सीमित वित्तीय गुंजाइश है। सीईए ने सुझाव दिया है कि इस बारे में प्रमुख पहलुओं में घरेलू कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार विकास और निवेश आकर्षित करने के लिए अच्छी तरह से राजकोषीय प्रोत्साहन शामिल होना चाहिए।
भारत को 2030 तक 7-7.5 फीसद की निरंतर वृद्धि हासिल करने के लिए विनिर्माण क्षेत्र पर ध्यान देने की जरूरत है। भारत को बेहतर बुनियादी ढांचे, कुशल श्रम, औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र और घरेलू बाजार मामले में देश के तुलनात्मक लाभ को देखते हुए विनिर्माण एक प्रमुख विकास क्षेत्र होना चाहिए।

