Raksha Bandhan : रक्षाबंधन का त्यौहार आ गया है. राखी से लेकर इस मौके पर दिए जाने वाले उपहारों की बाजार में खूब धूम है। लोग खूब खरीदारी भी कर रहे हैं. इस बीच व्यापारियों के एक संगठन का दावा है कि इस बार रक्षाबंधन के मौके पर करीब 10,000 करोड़ रुपये का कारोबार होने की उम्मीद है. पिछले साल इस मौके पर करीब 7,000 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था.
कारोबार में हो रही बढ़त

व्यापारियों के संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के अध्यक्ष बीसी भरतिया का कहना है कि इस साल राखी त्योहार पर करीब 10 हजार करोड़ रुपये के कारोबार की उम्मीद है. इससे एक साल पहले इस मौके पर करीब 7,000 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था. साल 2021 में यह व्यापार करीब 6,000 करोड़ रुपये का था, जबकि साल 2020 में यह 5,000 करोड़ रुपये, साल 2019 में 3,500 करोड़ रुपये और साल 2018 में 3,000 करोड़ रुपये का था.
विभिन्न प्रकार की राखी

इस बार बाजार में तरह-तरह की राखियों की वैराइटी देखने को मिल रही है. दिल्ली के बाजारों पर नजर डालें तो देश के अलग-अलग हिस्सों से मशहूर राखियां बिकने के लिए आई हैं। इनमें नागपुर में बनी खादी राखी, जयपुर की सांगानेरी कला राखी, पुणे की बीज राखी, मध्य प्रदेश के सतना में बनी ऊनी राखी, आदिवासी वस्तुओं से बनी बांस की राखी, असम में बनी चायपत्ती राखी, कोलकाता में बनी जूट राखी, मुंबई की रेशम शामिल हैं। भारत में बनी राखियाँ, केरल में बनी खजूर वाली राखियाँ, कानपुर में मोती वाली राखियाँ, बिहार में मधुबनी और मैथिली कला की राखियाँ, पांडिचेरी में नरम पत्थर की राखियाँ, बैंगलोर में बनी फूलों की राखियाँ, आदि।
इस बार चंद्रयान और जी20 राखी भी

इस साल बाजार में चंद्रयान राखी भी आई है. इसके अलावा बाजार में तिरंगा राखी, विक्रम रोवर राखी, चंद्रयान रॉकेट राखी भी खूब दिख रही हैं। इतना ही नहीं बाजार में जी20 और वसुधैव कुटुंबकम राखी और भारत माता राखी भी बिक रही है. दुकानदारों का कहना है कि ये राखियां देश के प्रति गौरव दर्शाने वाली हैं। इसलिए लोग इसे पसंद कर रहे हैं.
गिफ्ट की भी हो रही खूब बिक्री

राखी के अलावा रक्षाबंधन के मौके पर गिफ्ट भी बिक रहे हैं। इस समय छोटे बच्चों को आकर्षित करने वाली चॉकलेट, खिलौने, कपड़े आदि तो बिक ही रहे हैं, बड़े बच्चों को पसंद आने वाली घड़ियाँ, इलेक्ट्रॉनिक सामान, सस्ते गैजेट्स आदि भी बिक रहे हैं।

