एन एच-84 का निर्माण करने के लिये अधिग्रहित की गयी थी जमीन
प्रशांत किशोर ने नहीं लिया है पैतृक घर की जमीन का मुआवजा
न्यूज डेस्क। बिहार की नीतीश सरकार में राजनीतिक गलियारों में धमक रखने वाले जनता दल यूनाइटेड के पूर्व नेता और चुनावी रणनीतिकार के तौर पर प्रसिद्ध प्रशांत किशोर के पैतृक घर पर आज प्रशासन ने बुलडोजर चलवा दिया। मात्र दस मिनट के भीतर बुलडोजर ने घर की चारदीवारी और घर के ब्रह्म स्थान को तोड़ दिया। बताया गया कि एन एच-84 के चौड़ीकरण के लिये प्रशांत किशोर के पैतृक घर की जमीन का अधिग्रहण किया गया था। हालांकि इस संबंध में प्रशांत किशोर की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया है। मगर एक वर्ग इसको राजनीतिक दृष्टिकोण से भी देख रहा है। आपको बता दें की प्रशांत किशोर इन दिनों ममता बनर्जी के लिए चुनावी रणनीति तैयार कर रहे हैं। उन्हें तमिलनाडु में एआईडीएमके के लिए भी चुनावी रणनीति तैयार करने का काम मिला है।
बक्सर के अहिरौली में राष्ट्रीय राजमार्ग यानि एनएच-84 पर प्रशांत किशोर का पैतृक घर है। प्रशांत कुमार इस घर में नहीं रहते। आज प्रशासन की टीम बुलडोजर लेकर उनके घर पहुुंची और देखते ही देखते घर की चारदीवारी ढहा दी। इस दौरान जमा हुई लोगों की भीड़ को प्रशासन ने समझाया कि एनएच-84 के चौड़ीकरण के लिये सरकार ने प्रशांत कुमार के घर में आने वाली जमीन का अधिग्रहण किया है। वर्तमान में अधिग्रहित जमीन को खाली कराने के लिये चलाये जा रहे अभियान के तहत ही प्रशांक किशोर के पैतृक घर की चारदीवारी तोड़ी गयी है।
हालांकि कहा यह भी जा रहा है कि प्रशांत किशोर ने अधिग्रहित की गयी जमीन का मुआवजा अभी तक नहीं लिया है। ऐसे में प्रशासन की कार्रवाई राजनीति से प्रेरित लग रही है। मगर प्रशासन की कार्रवाई का किसी ने भी खुलकर विरोध नहीं किया। गौरतलब है कि 2015 के विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर नीतीश कुमार से जुड़े थे और उनके आवास में ही रहते थे। 2018 में नीतीश कुमार ने उन्हें जेडीयू का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी बनाया था। फिलहाल प्रशांत किशोर ममता बनर्जी के लिए चुनावी रणनीति तैयार कर रहे हैं। उन्हें तमिलनाडु में एआईडीएमके के लिए भी चुनावी रणनीति तैयार करने का काम मिला है।

