प्राइवेट हास्पिटल में डॉक्टर उसकी जान बचाने की कोशिश कर रहे है.
2019 में पुलिस में भर्ती हुआ था, 23 जून को लौटा था अपने घर से
कानपुर में 8 पुलिसकर्मी शहीद हुए है. इसमें बुलंदशहर का एक सिपाही भी शामिल है. उसे दो गोली लगी है. प्राइवेट हास्पिटल में डॉक्टर उसकी जान बचाने की कोशिश कर रहे है. बताया जा रहा है बिकरु गांव जहां यह घटना घटी वहां दो गाेली लगने के बाद भी यह अपराधियों से डटकर मोर्चा लेता रहा. यह पढ़ने में बहुत होशियार है.सूचना मिलते ही सिपाही का पिता और भाई कानपुर के लिए रवाना हो गए.
19 जून को बर्थडे मनाकर लौटा
सिपाही 2019 में ही भर्ती हुआ था.उसे पहली पोस्टिंग कानपुर में मिली थी.अजय कुमार कश्यप की उम्र 23 साल है. वह अविवाहित है. 14 मई 2019 को भर्ती हुआ था। पिता अशोक कुमार खेतीबाड़ी करते हैं.बड़ा भाई राहुल ग्रेजुएशन करने के बाद खेतीबाड़ी में अपने पिता का साथ दे रहा है.पिछले छह माह से सिपाही अजय बिठुर थाने में तैनात था.सिपाही अजय के भाई राहुल ने बताया कि 19 जून को अजय का जन्मदिन था. इसलिए वह 17 जून को छुट्टी आया था. 23 जून को वापस चला गया था. अजय ने बड़ी धूमधाम से अपना जन्मदिन मनाया था.
पढ़ने में बेहद होशियार
सिपाही अजय ने भर्ती के दौरान जिले में 16वां स्थान पाया था. वह पढ़ने में बहुत ज्यादा होशियार है.वह डिबाई में ही गंगा कोचिंग सेंटर के नाम से कोचिंग सेंटर चलाता था. वह खुद भी पुलिस में भर्ती होने की तैयारी कर रहा था और अन्य युवकों को भी तैयारी करा रहा था. 2019 में हुई पुलिस की भर्ती में सिपाही अजय कुमार कश्यप खुद तो भर्ती हुआ ही, साथ ही अन्य पांच युवक भी सिपाही अजय के पढ़ाए हुए भर्ती हुए थे. यह सभी डिबाई के रहने वाले है.
सिपाही के भाई राहुल कश्यप ने बताया कि गुरुवार की देर रात बिठुर थाने में सूचना आई थी कि विकास दुबे अपने गांव में आया हुआ है. उस समय अजय सिपाही सो रहा था, लेकिन थानाध्यक्ष का आदेश हुआ तो अजय दो मिनट में तैयार हुआ और फोर्स के साथ गांव में पहुंच गया. यहां जाते ही पुलिस संभली भी नहीं थी कि अचानक गोली चल गई. अजय को शुरुआत में ही गोली लग गई थी, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और उसने भी घायल होने के बावजूद कई गोलियां चलाई.

