जहरीली हवा में सांस लेना हो रहा भारी

मेरठ रीजनजहरीली हवा में सांस लेना हो रहा भारी

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जहरीली हवा में सांस लेना हो रहा भारी

  • मेरठ का एक्यूआई निरंतर खराब होने के बाद भी नहीं चेत रहे अधिकारी
  • ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान तो बनाया, मगर नहीं निभा रहे जिम्मेदारी

मेरठ। त्योहारों से पहले एनसीआर में वायु प्रदूषण रोकने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, एमडीए, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, जल निगम, कृषि विभाग समेत 10 से अधिक विभागों के 34 अधिकारियों और सामाजिक संगठनों को मिलाकर बनाया गया ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) भी लापरवाही की भेंट चढ़ गया है।

प्रदूषण के स्तर में लगातार बढ़ोतरी के कारण पूरे एनसीआर में हालात भयावह हो चले हैं। कोरोना संक्रमण के खौफ के बीच प्रदूषण से फूलती सांसे लोगोें की चिंताओं को बढ़ा रही है। मगर अधिकारी सिर्फ बैठकें कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में महानगर मेरठ में इस समय चैतरफा विकास कार्य किये जा रहे हैं। केंद्र सरकार के तय अवधि में कार्य पूर्ण किये जाने के वादे को पूरा करने के लिये एक्सप्रेस वे के निर्माण को रोका नहीं गया। हालांकि निर्माण एजेंसियोें द्वारा तमाम सावधानियां बरतीं जा रही हैं लेकिन इतने बड़े निमार्ण कार्य में प्रदूषण को रोकना पूर्णतया संभव नहीं है। वहीं किसानों द्वारा खेतों में पराली जलाने के कारण भी प्रदूषण बढ़ा है।

शादियों के सीजन में सड़कों पर वाहनों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। शाम से ही लगने वाले लंबे जाम में धीमे-धीमे चलते वाहन तेजी से प्रदूषण बढ़ा रहे हैं। वहीं रोक के बावजूद शादियों में आतिशबाजी भी जमकर की जा रही है। घनी आबादी के बीच कारखाने संचालित किये जा रहे हैं जिनसे निकलने वाला धुआं हवा को जहरीला बना रहा है।

दिनो-दिन बढ़ते प्रदूषण के कारण जहरीली हुई हवा में लोगों को सांस लेना भारी हो रहा है। प्रदूषण के चलते लोगों को सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और चलने पर सांस फूलने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कोरोना काल में सांस लेने में परेशानी होने पर लोगों को खुद के संक्रमित होने की चिंता होने लगती है। वहीं दिल के रोग, हाई ब्लड प्रेशर आदि से पीड़ित लोगों के लिये यह प्रदूषण खतरनाक साबित हो रहा है।

प्रदूषण के बढ़ते कदमों को रोकने के लिये बनाया गया ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान भी बेमानी साबित हो रहा है। तमाम विभागों, अधिकारियों और साामाजिक संगठनों को मिलाकर बनाये गये ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान को सही तरीके से क्रियान्वित किया जाता तो प्रदूषण को रोका जा सकता था। मगर बैठकोें में चिंता जाहिर करने वाले अधिकारी धरातल पर कार्य नहीं कर रहे। परेशान लोग मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करते हैं तो कार्रवाई की जाती है।

कंकरखेडा के आवासीय क्षेत्र जवाहर नगर में चल रही शिव शक्ति स्पोर्ट्स फैक्टरी और बातनौर में महावीर के कोल्हू में प्रतिबंधित ईंधन का प्रयोग करने की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई थी। जिस पर बुधवार को कार्रवाई की गयी है। वहीं गंगानगर एक्सटेंशन में चल रहे किला से मवाना लिंक रोड के निर्माण के दौरान एक तरफ किये गये कूड़े को उठाने की बजाये निगम कर्मियों ने उसमें आग लगा दी। जिससे क्षेत्र की हवा में सांस लेना मुश्किल हो गया।

इसकी शिकायत भी पीएमओ, सीएम, मंडलायुक्त व डीएम को ट्वीट करके दी गई। जिस पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. गजेंद्र सिंह ने जांच कराने की बात कही है।

मगर इन चंद कदमों से प्रदूषण के बढ़ते कदमों को रोका नहीं जा सकता। जरूरत है इस दिशा में सार्थक और कड़े कदम उठाने की। ताकि इस जानलेवा प्रदूषण से लोगों की जिंदगी और स्वास्थ्य की रक्षा की जा सके।

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