नई दिल्ली। लोगों को महंगाई के झटके लगते जा रहे हैं। पहले पेट्रोल डीजल के झटके ही रोज लग रहे थे। लेकिन अब घर की बिजली भी महंगाई का झटका देने के लिए तैयार हो रही है। सूत्रों की माने तो इस समय बिजली संयंत्रों मेंं कोयले की आपूर्ति धीमी हो गई है और इसकी कीमतें भी काफी ऊंचाई पर पहुंच गई हैं। जिसका असर बिजली दरों पर पड़ने की संभावना है। बता दें कि बिजली बनाने वाले संयंत्रों में पिछले कुछ महीनों में कोयले की आपूर्ति धीमी हुई है। इसका असर बिजली क्षेत्र के उत्पाद पर पड़ रहा है। कोयला आयात निर्भरता अब तेजी से बढ़ने की संभावना है।
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कोयले की धीमी सप्लाई से बिड प्रोजेक्ट्स और डिस्काम पर दबाव पड़ रहा है। बता दें गत 26 मार्च को ऊर्जा मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी कर बिजली क्षेत्र में घरेलू स्तर पर कोयले की सप्लाई सुचारु रखने की बात कही थी। कोयले का उत्पादन अधिक करने का निर्देश इस एडवाइजरी में यह भी कहा गया था कि कोयला उत्पादन करने वाली उत्पादन को बढ़ाए। इसी के साथ ही पारंपरिक ऊर्जा प्रयोग को प्रोत्साहन देने की बात कही थी जिससे कोयले पर निर्भरता कम हो सके।

