India-UK FTA: भारत और ब्रिटेन इसी साल एफटीए पर हस्ताक्षर करेंगे। दोनों देशों के बीच एफटीए को लेकर सहमति बन चुकी है। ये जानकारी भारत के वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने दी है। उन्होंने बताया कि हम जल्द से जल्द सौदे को अंतिम रूप देने की तरफ बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी विवादास्पद मुद्दों पर बातचीत हो गई है। इसी साल के समाप्त होने के पहले समझौते पर हस्ताक्षर होंगे।
भारत और ब्रिटेन इस साल मुक्त व्यापार समझौते(एफटीए) पर हस्ताक्षर करेंगे। दोनों देश आर्थिक वृद्धि और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्रस्तावित समझौते की व्यापक रूपरेखा पर आम सहमत हुए हैं।
भारत के वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने कहा कि हम जल्द से जल्द सौदे को अंतिम रूप में देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सभी विवादास्पद मुद्दों पर बातचीत बिना गतिरोध पूरी हो गई है। साल के खत्म होने के पहले समझौते पर हस्ताक्षर कर लिए जाएंगे।
भारत ब्रिटेन के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को खुद को बड़ा निर्यातक बनाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जबकि ब्रिटेन को समझौते से अपनी व्हिस्की, premium cars और कानूनी सेवाओं के लिए Indian market में पहुंच मिलेगी।
पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के साथ अंतरिम व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर के बाद भारत के लिए ब्रिटेन के साथ एफटीए किसी विकसित देश के साथ पहला समझौता होगा। ब्रिटेन के लिए European Union से 2020 के बाहर निकलने के बाद global business relationships की खोज का हिस्सा है।
लोकसभा चुनावों को देखते हुए भारत और ब्रिटेन के बीच होने वाला यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए महत्वपूर्ण होगा। पीएम आम चुनाव से पहले भारत की व्यापार-अनुकूल छवि को मजबूत करने की तैयारी कर रहे हैं। वाणिज्य सचिव बर्थवाल और वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की यात्रा के दौरान हाल में लंदन में 11वें दौर की वार्ता पूरी हुई थी।
एफटीए के कुल 26 अध्यायों में 19 पर चर्चा पूरी
वाणिज्य सचिव बर्थवाल ने कहा कि एफटीए के कुल 26 अध्यायों में 19 पर चर्चा पूरी हो गई है। जिसमें संवेदनशील ऑटोमोबाइल क्षेत्र से संबंधित मुद्दे शामिल हैं। व्यापार मंत्रालय के अलग-अलग सूत्रों ने बताया कि हालांकि दोनों देशों के बीच बौद्धिक संपदा अधिकारों, उत्पत्ति के नियमों और निवेश संधि पर मतभेदों को दूर नहीं किया जा सका है।
उन्होंने कहा कि निवेश नियमों के मुद्दे पर सैद्धांतिक रूप से सहमति बनी है। लेकिन दोनों देशों के सीमा शुल्क अधिकारी अभी इस तौर-तरीकों पर काम कर रहे हैं। भारत द्वारा ब्रिटेन को दी रियायतों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि जब तक सब कुछ नहीं हो जाता, तब तक कुछ अंतिम नहीं है। भारत और ब्रिटेन के बीच द्विपक्षीय व्यापारवित्तीय वर्ष 2022-23 में सालाना आधार पर 16.6 प्रतिशत से बढ़कर $20.42 बिलियन डॉलर हो गया।

