राज्य में ब्लैक फंगस इंफेक्शन से हुई पहली मौत
एम्स ऋषिकेश में हुई मौत के बाद स्वास्थ विभाग अलर्ट
ऋषिकेश। कोरोना के कोप से थर्रा रहे उत्तराखंड में अब ब्लैक फंगस इंफेक्शन ने भी जिंदगी छिनना शुरू कर दिया है। एम्स ऋषिकेश में भर्ती कोरोना संक्रमित की ब्लैक फंगस इंफेक्शन से मौत हो गयी। वहीं अस्पताल में भर्ती 19 अन्य मरीजों में भी ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। राज्य में ब्लैक फंगस इंफेक्शन से हुई मौत का पहला मामला सामने आने के बाद स्वास्थ विभाग अलर्ट हो गया है। ब्लैक फंगस इंफेक्शन को लेकर पहले से ही एहतियात बरत रहे स्वास्थ विभाग निजी अस्पतालों में भर्ती कोरोना संक्रमितों की भी निगरानी करेगा। स्वास्थ विभाग की ओर से अपील की जा रही है कि ब्लैक फंगस इंफेक्शन के लक्षण दिखते ही तुरंत उपचार शुरू करायें। कोरोना संक्रमितों से खासतौर पर सावधानी बरतने को कहा जा रहा है।
36 वर्षीय व्यक्ति कोरोना संक्रमित को ब्लैक फंगस से पीड़ित होने के बाद देहरादून से रेफर कर एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया था। एम्स ऋषिकेश के निदेशक रविकांत के अनुसार मरीज की हालत गंभीर होने के कारण उनका आॅपरेशन करना संभव नहीं हो पाया और संक्रमण बढ़ जाने के कारण उनकी मृत्यु हो गयी। उन्होंने बताया कि एम्स ऋषिकेश में ब्लैक फंगस से पीड़ित 19 रोगी भर्ती हैं, जिनमें से 11 मरीज उत्तराखंड से जबकि आठ उत्तर प्रदेश के हैं। इन मरीजों में से 13 मरीजों की सर्जरी की जा चुकी है और अभी छह मरीजों का आॅपरेशन किया जाना बाकी है। उन्होंने बताया कि एम्स ऋषिकेश के डाॅक्टर्स ब्लैक फंगस के मरीजों की निरंतर निगरानी कर रहे हैं। आम तौर पर मरीज सर्जरी करने से ठीक हो जाता है। मगर कई बार गंभीर स्थिति में आ चुके मरीजों का आॅपरेशन नहीं किया जा सकता। ऐसे में मरीज की मृत्यु होने की आशंका होती है।

