प्राइवेट अस्पतालों में उपचार करा रहे मरीज हैं भगवान के भरोसे
जिला मेरठ केमिस्टस एंड ड्रगिस्टस एसोसिएशन ने जनप्रतिनिधियोें को लिखा पत्र
मेरठ। ब्लैक फंगस के उपचार में इस्तेमाल होने वाला इंजेक्शन की इस समय काफी अधिक मांग है। मगर यह इंजेक्शन आम आदमी को उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। लोग मेडिकल स्टोर्स से लेकर दवा मार्केट तक के चक्कर काट रहे हैं मगर यह इंजेक्शन बाजार से नदारद है। जिला मेरठ केमिस्टस एंड ड्रगिस्टस एसोसिएशन ने सांसद, राज्यसभा सांसद व विधायकों को पत्र लिखकर इंजेक्शन की कमी से आने वाली समस्याओं और इनको दूर करने के उपाय बताये हैं।
जिला मेरठ केमिस्टस एंड ड्रगिस्टस एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश चन्द गुप्ता और महामंत्री रजनीश कौशल द्वारा भेजे गये पत्र में कहा गया है कि ब्लैक फंगस के उपचार में इस्तेमाल होने वाला इंजेक्शन बाजार में उपलब्ध नहीं है। कंपनी अधिकारियों का कहना है कि इस इंजेक्शन की बिलिंग 31 मई तक केवल केंद्र सरकार व राज्य सरकार को ही करने का आदेश है। यह इंजेक्शन केवल सरकारी अस्पताल में मरीज को दिया जा रहा है जबकि अनेक मरीज प्राइवेट अस्पतालों मंें भी उपचार करा रहे हैं।
जिला मेरठ केमिस्टस एंड ड्रगिस्टस एसोसिएशन ने जनप्रतिनिधियों से कहा, कि सरकार से वार्ता कर इस इंजेक्शन की 50 प्रतिशत बिलिंग सरकारी और 50 प्रतिशत बिलिंग प्राइवेट अस्पतालों में करायी जाये। ताकि प्राइवेट अस्पतालों में उपचार करा रहे मरीजों की जान भी बच सके। उन्होंने इस इंजेक्शन को बाजार में भी उपलब्ध कराने की मांग की जिससे जरूरतमंद मरीज को आसानी से मिल सके।
एसोसिएशन की ओर से कहा गया कि हरियाणा सरकार की तर्ज पर सभी अस्पतालों को सरकार अपने नियंत्रण में लेकर सरकारी रेट पर मरीजों का इलाज कराये। जिससे आये दिन प्राइवेट अस्पतालों में महंगे इलाज को लेकर जो मारपीट व तोड़फोड़ की घटनाएं हो रही हैं उनको रोका जा सके। पत्र की प्रतिलिपि मंडलायुक्त और एडिशनल ड्रग कंट्रोलर को भी भेजी गयी है।

