जिले में ब्लैक फंगस के तीन मरीजों का सफल ऑपरेशन
स्वास्थ विभाग ने निजी अस्पतालों से मांगी सूचना
मेरठ। कोरोना संक्रमण से जुझ रहे मेरठ में ब्लैक फंगस इंफेक्शन (म्यूकरमाइकोसिस) की काली छाया मंडरा रही है। जिले में अब तक ब्लैक फंगस इंफेक्शन (म्यूकरमाइकोसिस) के 16 मरीज मिल चुके हैं। इनमें से तीन मरीजों का ऑपरेशन किया जा चुका है। स्वास्थ विभाग भी ब्लैक फंगस के मरीजांे के बढ़ते आंकड़ों से चिंतित है और जिले के सभी अस्पतालों को अलर्ट करने के साथ उनके यहां ब्लैक फंगस इंफेक्शन के मरीजों की जानकारी मांग रहा है।
उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण से सर्वाधिक संक्रमित मेरठ में ब्लैक फंगस इंफेक्शन के मामले सामने आने से लोगों में दहशत का माहौल है। जिले के न्यूटिमा हाॅस्पिटल में पांच, एलएलआरएम मेडिकल काॅलेज में चार, होप हाॅस्पिटल में दो ब्लैक फंगस इंफेक्शन के मरीज अपना उपचार करा रहे हैं। वहीं आनंद हाॅस्पिटल में भर्ती तीन मरीजों का सफल आॅपरेशन किया जा चुका है। ब्लैक फंगस इंफेक्शन से पीड़ित एक मरीज की मौत हो गयी है और एक अन्य मरीज की हालत गंभीर बताई जा रही है।
ब्लैक फंगस को लेकर जिले में अलर्ट
जिले में बढ़ते ब्लैक फंगस के मरीजोें को देखते हुए जिले में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। डीएम के बालाजी खुद ब्लैक फंगस के मामलों की निगरानी कर रहे हैं। डीएम का दावा है कि ब्लैक फंगस से पीड़ित मरीजों को दवाओं की कमी नहीं होने दी जायेगी। ब्लैक फंगस के मरीजों के लिये मेडिकल काॅलेज में अलग वार्ड बनाकर मरीजों को बेहतर उपचार दिलाकर रोग से मुक्ति दिलाई जायेगी।
डीएम ने बताया कि मेडिकल काॅलेज और निजी अस्पतालों में भर्ती ब्लैक फंगस के मरीजों का नियमित अपडेट लिया जा रहा है। सीएमओ ब्लैक फंगस के मरीजों को चिन्हित कर उन्हें उपयुक्त उपचार दिलाने में जुटे हैं।
कमजोर इम्युनिटी वाले मरीजों के लिये है खतरनाक
सीएमओ डा.अखिलेश मोहन का कहना है कि कोरोना संक्रमण के दौरान स्टेरायॅड लेने वाले, काफी समय तक वेंटिलीेटर पर रहने वाले और डायबीटिज से पीड़ित मरीजों की इम्युनिटी कमजोर हो जाती है। ऐसे में ब्लैक फंगस इंफेक्शन (म्यूकरमाइकोसिस) उनके शरीर पर हावी हो जाता है। इन मरीजों में आंख में दिक्कत होने के बाद ब्लैक फंगस इंफेक्शन मरीज के दिमाग तक पहुंच जाता है। इन खतरनाक रोग के उपचार में प्रयोग में आने वाले इंजेक्शन को उपलब्ध कराने के लिये प्रयास जारी हैं।
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निजी अस्पतालों से मांग रहे सूचना
काफी संख्या में कोरोना संक्रमित मरीजों का उपचार निजी अस्पतालों में किया जा रहा है। इन संक्रमितों में ब्लैक फंगस इंफेक्शन (म्यूकरमाइकोसिस) के मरीज मिलने की संभावना के मद्देनजर स्वास्थ विभाग ने निजी अस्पतालों को पत्र लिखकर ब्लैक फंगस के मरीजों के बारे में जानकारी मांगी है। स्वास्थ विभाग ने कहा है कि ब्लैक फंगस के मरीज मिलने पर तत्काल सीएमओ कार्यालय को सूचित किया जाये।
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नयी बीमारी नहीं है ब्लैक फंगस इंफेक्शन
म्यूकरमाइकोसिस जिसे ब्लैक फंगस इंफेक्शन भी कहा जाता है यूं तो नई बीमारी नहीं है मगर कोरोेना संक्रमितों व अन्य गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों के लिये यह बेहद खतरनाक साबित हो रही है। कारण यह कि कोरोेना के उपचार में दी जा रही स्टेराॅयड मरीजों के शुगर लेवल को बढ़ा रही है। ऐसे में कोरोना संक्रमण के साथ ब्लड कैंसर, गुर्दा रोग, डायबिटीज, कैंसर जैसे गंभीर रोगों से पीड़ित या किडनी-बोनमैरो ट्रांसप्लांट कराने वाले मरीजों के लिये ब्लैक फंगस इंफेक्शन जानलेवा भी साबित हो रहा है।

