मेरठ। प्रदेश की सियासत में अब टोपी भी आ गई है। इस समय दलों के बीच टोपी सियासत चल रही है। सपा की हरी तो बसपाई नीली टोली लगाकर राजनीति कर रहे हैं। अब वहीं सत्ताधारी भाजपा ने भी भगवा टोपी निकाल ली है। भगवा टोपी भाजपा के स्थापना दिवस पर लांच की गई। जिसे कार्यकर्ताओं से लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा हर कददावर नेता ने पहना। बता दें कि अभी तक सपा नेता लाल टोपी लगाकर सियासत करते थे। वहीं दूसरी ओर बसपाई भी कभी कभार किसी बड़े आयोजन पर नीली टोपी और सुभासपा कार्यकर्ता पीली टोपी, आपा सफेद टोपी के अलावा निषाद पार्टी की बहुरंगी टोपी सियासत के रंग बया करने के लिए काफी थी। भाजपा इस टोपी वाली राजनीति से अभी तक दूर थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सड़क तक टोपियों को लेकर खुद भी विपक्षी दलों को निशाने पर लेते रहते थे। चुनाव माहौल के दौरान भी सियासत में टोपियों को लेकर काफी हंगामा हुआ था।
लेकिन अब भाजपा की भी टोपी सियासत में एंट्री हो चुकी है। भाजपा की इस टोपी का रंग भगवा है और उस पर भाजपा लिखा है। इस टोपी पर कमल का फूल भी बना हुआ है। यह पहला मौका है जब भाजपा नेता भी भी प्रदेश और देश की सियासत में टोपी पहने नजर आएंगे। विस चुनाव के बाद भाजपा नेताओं के सिर दिख रही यह भगवा टोपियां यूं ही नहीं हैं। भगवा टोपी राजनीति के सहारे भाजपा भविष्य के समीकरण साधने की कोशिश में है। भाजपा नेताओं के सिर भगवा टोपी पार्टी के भगवा एजेंडे को धार देने के साथ ही विपक्ष पर हमले का जरिया बनी है। भाजपा का हथियार बनी टोपी और इसका रंग राष्ट्रवाद के रंग में रंगकर विपक्ष को घेरने की भी रणनीति है।

