मुम्बई। केन्द्रीय नारायण राणे की गिरफ्तारी प्रकरण के बाद अब बीजेपी मुख्यमंत्री उद्ध्व ठाकरे के लिए जाल बुन रही है। चौतरफा उनको, उनके ही बयानबाजी वाले गेम में घेरने की कोशिश तेज है। इसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्नाथ भी अहम भूमिका निभा सकते हैं।
ऐसे में दो पार्टियों यानि भाजपा और शिवसेना के बीच बयानबाजी मुद्दे पर घमासान होने को है। असल में उद्धव ठाकरे के एक बयान को लेकर बीजेपी अब बड़े पैमाने पर यूपी से लेकर महाराष्ट्र तक एफआईआर दर्ज करवाने की तैयारी में है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चप्पल मारने के बयान पर विदर्भ के यवतमाल जिले की बीजेपी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कर एफआईआर दज करने की मांग उठाई है। यह भी हो सकता है कि उद्भव पर मुकदमों की शुरुआत यूपी से हो जाय।
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इतना ही नहीं उद्धव के करीबी मंत्री अनिल परब को भी घेरने की बीजेपी तैयारी कर रही है। उनके खिलफ भी तमाम सबूत गैरकानूनी मसलों के एकत्र किये जा रहे हैं।
गौर हो कि, पालघर में मंत्री अनिल परब के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी गई है कि अनिल परब ने नारायण राणे को गिरफ्तार करने के लिए न केवल पुलिस पर प्रेशर बनाया बल्कि अपने पद का दुरूपयोग भी किया।
इस मामले का एक एक वीडियो भी इन दिनों वायरल हो रहा है। जिसमें उद्धव के मंत्री पुलिस पर प्रेशर बना रहे हें। खुद नारायण राणे ने कल प्रेस वार्ता में इस वीडियो को लेकर अनिल परब के खिलाफ लीगल एक्शन करने की बात उठाई थी।
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कुलमिलाकर ताजा मुद्दे को लेकर भाजपा और शिवसेना आमने सामने हैं। राज्य की सरकार ने केन्द्र की सरकार से टकराने का दुस्साहस दिखाया है। हालांकि पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी भी ऐसा करतीं आयीं हैं।

