बिहार में नितीश कुमार की नई सरकार के गठन के बाद फ्लोर टेस्ट से पहले स्पीकर को लेकर चल ड्रामा आज उस समय ख़त्म हो गया जब स्पीकर पद इस्तीफ़ा ने देने पर अड़े विजय सिन्हा ने आज विधानसभा की कार्रवाई शुरू होते ही इस्तीफ़ा दे दिया, इस्तीफ़ा देने से पहले उन्होंने यह बताने की कोशिश कि उन्होंने इस्तीफ़ा न देने की बात क्यों कही थी. पूर्व स्पीकर ने कहा कि मेरे ऊपर जो आरोप लगाए गए थे मैं उनका विधानसभा में जवाब देना चाहता था. उन्होंने अपने खिलाफ लाये गए अविश्वास प्रस्ताव को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि स्पीकर रहते हुए उन्होंने हमेशा नियमों के दायरे में रहकर काम किया।
बता दें कि महागठबंधन के पास 164 विधायक हैं जो बहुमत के लिए ज़रूरी 122 से काफी अधिक हैं वहीँ भाजपा के पास 76 विधायक हैं. विजय सिन्हा के इस्तीफे के बाद महेश्वर हजारी को अंतरिम स्पीकर नियुक्त किया गया है. महेश्वर पुजारी ने पूर्व विधानसभा स्पीकर उस फैसले को बदल दिया जिसमें उन्होंने सदन के अध्यक्ष के तौर पर नरेंद्र नारायण यादव के नाम की घोषणा की थी. दरअसल बिहार विधानसभा में विजय कुमार सिन्हा ने इस्तीफे से पहले नरेंद्र नारायण यादव का नाम सदन की आगे की कार्रवाई के लिए नामित किया था. इसके बाद इसको लेकर सदन में विवाद हो गया क्योंकि नियमानुसार स्पीकर के नहीं रहने पर डिप्टी स्पीकर को सदन की कार्यवाही को संचालित करते हैं. पूर्व स्पीकर के इस फैसले को लेकर सदन में विवाद खड़ा हो गया क्योंकि नियमानुसार स्पीकर के न होने पर डिप्टी स्पीकर सदन की कार्यवाही को संचालित करते हैं.
बता दें कि कल विजय सिन्हा ने स्पष्ट रूप से कहा था कि वह स्पीकर पद से इस्तीफ़ा हरगिज़ नहीं देंगे। इसके बाद आज सुबह बिहार की राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले सभी की निगाहें इसी पर टिकी थीं कि क्या विधानसभा स्पीकर विजय सिन्हा इस्तीफ देंगे? इससे पहले महागठबंधन ने विजय सिन्हा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है. माना जा रहा था कि बिहार विधानमंडल के विशेष सत्र के शुरू होने के पहले विजय सिन्हा स्पीकर पद से इस्तीफा दे देंगे. लेकिन आज उन्होंने काफी ड्रामा क्रिएट करने के बाद इस्तीफ़ा दे ही दिया। नितीश कुमार की सरकार को अब फ्लोर टेस्ट पास करने में कोई भी अड़चन नहीं आएगी.

