Fake GST Registration: जीएसटी काउंसिल की 50वीं बैठक में जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) में फर्जी रजिस्ट्रेशन रोकने को कई अहम फैसले किए गए हैं। अब जीएसटीएन के साथ पंजीकरण के 30 दिनों के भीतर अपना वैध बैंक खाता नंबर देना होगा। ऐसा नहीं करने पर जीएसटीएन रजिस्ट्रेशन रद्द हो जाएगा। जीएसटी नेटवर्क(जीएसटीएन) पर फर्जी जीएसटी रजिस्ट्रेशन रोकने के लिए जीएसटी काउंसिल की 50वीं बैठक में अहम फैसले किए गए हैं। अब जीएसटीएन पर रजिस्ट्रेशन कराने के 30 दिनों के भीतर अपना बैंक खाता नंबर देना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर जीएसटीएन पर रजिस्ट्रेशन रद कर दिया जाएगा।
पहले इतने दिन का मिलता था समय?
बता दें कि इससे पहले 45 दिनों के भीतर बैंक खाते का विवरण देना होता था। कई बार बैंक खाते का विवरण व्यापारी नहीं देते थे। अब नए नियम के अनुसार बैंक खाते के साथ 30 दिनों के भीतर पैन नंबर देना अनिवार्य किया गया है। जीएसटी काउंसिल की बैठक में लिए फैसले के मुताबिक भविष्य में संदिग्ध व्यापारी का जीएसटीएन पर आधार के बायोमैट्रिक आथेंटिकेशन से रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। जिससे कि किसी प्रकार का कोई जोखिम नहीं हो।
इन राज्यों में पायलट प्रोजेक्ट सफल
गुजरात और पुडुचेरी में बायोमैट्रिक आथेंटिकेशन का पायलट प्रोजेक्ट सफल होने के बाद अब आंध्र प्रदेश ने इसे अपनाने की इच्छा जाहिर की है। जीएसटी काउंसिल के फैसले के अनुसार अब सरकार से सीमा से अधिक इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) नहीं वसूला जा सकेगा।
हाल में जीएसटीएन पर रजिस्टर्ड फर्जी व्यापारियों की पहचान के लिए अप्रत्यक्ष कर विभाग की ओर से अभियान चलाया गया। जिसके तहत 70,000 संदिग्ध फर्म की पहचान हुई है। इनमें से 60,000 फर्म की जांच हो चुकी है और इनमें से 17,000 रजिस्ट्रेशन फर्जी पाए गए हैं। अब जीएसटीएन पर रजिस्ट्रेशन के नियम को सख्त बनाने से फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी।
विशेषज्ञों ने बताया लाभ
जीएसटी के विशेषज्ञ एवं चार्टर्ड एकाउंटेंट ने बताया कि जब व्यापारी जीएसटीआर-1 का रिटर्न भरता है तो उसमें उसके व्यापार की पूरी जानकारी होती है और उसके आधार पर जीएसटीआर-2बी जेनरेट होता है। इस 2बी में स्वत: पता लग जाता है कि व्यापारी का आईटीसी कितना बन रहा है। मान लीजिए किसी व्यापारी का आईटीसी एक करोड़ है और वह 1.26 करोड़ के आईटीसी का दावा करता है तो व्यापारी को नोटिस जारी किया जाएगा। ऐसे में उसे जवाब देना होगा। 2बी में जेनरेट होने वाले आईटीसी रकम से 25 लाख से अधिक का आईटीसी दावा करने पर ही नोटिस जारी होगा।

