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Uttarakhand News : चम्पावत उपचुनाव – सीएम धामी के सामने होगी भुवन कापड़ी की रणनीति, बढ़ सकती है मुश्किलें

देहरादून। चंपावत उप-चुनाव में एक बार फिर पुष्कर सिंह धामी के सामने भुवन कापड़ी नजर आएंगे। इस बार भुवन कापड़ी और पुष्कर सिंह धामी की आमने-सामने की टक्कर भले ही ना हो। लेकिन चंपावत के उपचुनाव में पुष्कर सिंह धामी को भुवन कापड़ी की राजनीतिक रणनीति से दो-चार होना पड़ेगा। और अगर सीएम धामी को चम्पावत का उपचुनाव जितना है तो कापड़ी की बिसात का तोड़ निकलना होगा।

चम्पावत के इसी शतरंजी बिसात पर मुकाबला दिलचस्प बनता हुआ दिखाई दे रहा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में सीएम धामी खटीमा से भुवन कापड़ी पटखनी दे चुके है। हारने के बाद भी सीएम बने और अब विधानसभा का सदस्य बनने के लिए उन्हें एक बार फिर भुवन कापडी से पार पाना होगा। उत्तराखंड कांग्रेस ने भुवन कापड़ी को चंपावत उपचुनाव का पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।

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खटीमा में भुवन कापड़ी से चुनावी जंग हारने के बाद पुष्कर सिंह धामी चंपावत उप चुनाव में किस्मत आजमाने जा रहे हैं। कांग्रेस ने भी इस उपचुनाव के लिए अपने इरादे दिखा दिए है कि वे इस चुनाव को हल्के में नही लेगी। भुवन कापड़ी को पर्यवेक्षक बनाना इस बात का संकेत है। खटीमा से पुष्कर सिंह धामी को हराने वाले भुवन कापड़ी को चंपावत का पर्यवेक्षक बना कर एक मनोवैज्ञानिक बढ़त हांसिल कर भाजपा को सबक सिखाने के मूड में लग रही है। यूं कहें कि एक बार फिर पुष्कर सिंह धामी के सामने भुवन कापड़ी की रणनीति दिखाई देगी। 

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पुष्कर सिंह धामी के लिए चुनावी बिसात पर को पार पाना चुनौती भरा हो सकता है। हालांकि भाजपा ने भी चम्पावत उपचुनाव के लिए अपनी टीम का एलान कर दिया है। बीजेपी ने कैबिनेट मंत्री चन्दनराम दास को इस चुनाव का प्रभरी नियुक्त किया है। अभी भले ही उपचुनाव की तारीख का ऐलान भले न हुआ है लेकिन काँग्रेस शुरुवाती चरण में मनोवैज्ञानिक बढ़त लेने में कामयाब होती दिखाई दे रही है। हालांकि अभी काँग्रेस की ओर से प्रत्याशी के नाम का ऐलान होना अभी बाकी है। लेकिन शुरुवाती दौर में ही काँग्रेस ने बता दिया है कि प्रदेश में नेतृत्व बदलने के साथ साथ पार्टी ने अपनी धार में तेजी ला दी है।

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