- कहा, राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल न करें हमारे नेता की फ़ोटो
मेरठ। विवादित कृषि कानून वापस होने के बाद राजनीतिक दल इसका श्रेय लेने औऱ खुद को किसान हितैषी साबित करने में जुट गए हैं। इसी प्रयास में मेरठ में भाकियू नेता राकेश टिकैत के साथ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव औऱ रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी की फ़ोटो वाले पोस्टर लगाए गए हैं। इसको लेकर भाकियू ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है की भाकियू अराजनैतिक दल है इसलिए उनके नेता की फ़ोटो का इस्तेमाल किसी भी राजनीतिक दल को नहीं करना चाहिए।
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दरअसल हार गया अभिमान, जीत गया किसान लिखे पोस्टर में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और रालोद नेता जयंत चौधरी के बीच मे राकेश टिकैत तिरंगा लहराते दिखाई दे रहे हैं। भाकियू ने इसे राजनीतिक स्टंट बताते हुए कहा है कि इस पोस्टर से भाकियू का कोई लेना-देना नहीं है। भाकियू ने स्पष्ट किया है कि उनका किसी भी पार्टी से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
पोस्टर पर भाकियू ने सख्त एतराज जताते हुए कहा कि वह किसी भी राजनीतिक दल को चुनावी लाभ के लिए अपने नेता के चेहरे का इस्तेमाल नहीं होने देंगे। किसान यूनियन का इस तरह के पोस्टर से कोई लेना-देना नहीं है।
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दरअसल अगले साल उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से पूर्व किसान मतदाताओं को लुभाने के लिए राजनीतिक दल हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। नेताओं के भाषणों में भी किसान ही मुख्य केंद्र बने हुए हैं। इसको लेकर किसान आंदोलन से जुड़े नेताओं औऱ संगठनों को भी उनके राजनीतिक इस्तेमाल किये जाने की चिंता सता रही है। किसान आंदोलन में बड़े नेता बनकर उभरे भाकियू नेता राकेश टिकैत का साथ हर राजनीतिक दल चाहता है। अखिलेश औऱ जयंत के साथ राकेश टिकैत का फोटो लगाना भी खुद को राकेश टिकैत का करीबी और किसानों का हितैषी साबित करने का प्रयास है।

