नाबालिग दलित किशोरी के साथ दबंगों ने किया था दुव्र्यवहार
मां ने किया विरोध तो दबंगों ने पीटकर उतारा मौत के घाट
प्रयागराज। नाबालिग बेटी के कपड़े फाड़कर जबरदस्ती करने का प्रयास करने वाले दबंगों का विरोध करने की कीमत एक मां को जान देकर चुकानी पड़ी। दबंगों ने दलित किशोरी के घर में घुसकर उसकी मां को इतना पीटा की गंभीर घायल महिला की मौत हो गयी। पुलिस ने नामजद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं इस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। घटना को लेकर गांव में तनाव व्याप्त को देखते हुए फोर्स तैनात की गयी है।
यूपी की कानून-व्यवस्था दुरूस्त होने के सरकारी दावों के इतर यहां न लड़कियां सुरक्षित महसूस कर रही हैं और न हीं उनकी आवाज उठाने का प्रयास करने वाले। ऐसे अनेक मामले सामने आये हैं जब छेड़छाड़ या दुष्कर्म का विरोध करने पर पीड़िता या उनके समर्थन में आने वाले को ही मौत के घाट उतार दिया गया। उत्तर प्रदेश सरकार के मिशन शक्ति और महिला सुुरक्षा के कागजी दावे, धरातल पर कहीं क्रियान्वित होते नहीं दिख रहे।
प्रयागराज केमऊआइमा थाना क्षेत्र के बुआपुर गांव निवासी 17 वर्षीय दलित किशोरी को खेत में तीन दबंग युवकों नेे दबोच कर उसके कपड़े फाड़ कर जबरदस्ती करने का प्रयास किया। किसी तरह दबंगों से बचकर घर पहुंची किशोरी ने अपनी मां को अपने साथ कीी गयी जबरस्ती की जानकारी दी। बेटी के साथ हुए दुव्र्यवहार से आहत मां शिकायत लेकर दबंग युवकों के घर पहुंची। इस बात से दबंग युवकों ने बदला लेने की ठानी और दलित किशोरी के घर पर धावा बोलकर वहां मारपीट की। दबंगों के प्रहार से किशोरी की मां के सिर पर गंभीर चोट आ गयीं। मेडिकल काॅलेज के एसआरएन अस्पताल में उपचार के दौरान महिला की मौत हो गयी।
महिला की मौत के बाद गांव में सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपी युवक अमन, तालिब और कौशल को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं इस मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास भी किया जा रहा है। तनाव को देखते हुए आईजी केपी सिंह और डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी भी गांव में पहुंचे और काफी संख्या में फोर्स तैनात की गयी है। एडीजी प्रेम प्रकाश की मानें तो गांव में स्थिति सामान्य है और तनाव के हालात नहीं है। उन्होंने पीड़ित परिवार को सुरक्षा और शासन की नीति के तहत जल्द ही मुआवजा दिलाने की बात भी कही है।

