Cheque Signed: आज भले ही लोग ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करते हैं पर आज भी कई लोग चेक के जरिए ही कोई ट्रांजेक्शन करते हैं। इसके अलावा कई बार चेक का उपयोग बैंक प्रूफ के लिए किया जाता है। चेक पर साइन करते समय कई बातों का ध्यान रखना चाहिए। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो भारी नुकसान हो सकता है।
Cheque Payment आज के समय में भी अपनी विश्वनीयता बनाए हुए है। बैंक ट्रांजेक्शन के लिए चेक का उपयोग किया जाता है। कोई बड़ी पेमेंट के लिए इसका उपयोग किया जाता है। ऐसे में चेक पर साइन करते समय कई बातों का ध्यान जरूरी होता है। अगर इन बातों को नजरअंदाज कर दे तो चेक बाउंस हो सकता है। जल्दबाजी में चेक को जारी नहीं करना चाहिए। बता दें कि चेक पावरफुल फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स है। इसके जरिए आसानी से ऑफलाइन मोड में पैसों का लेन-देन किया जा सकता है। चेक पर साइन करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए।
कब बांउस होता है चेक
चेक बाउंस तब होता है जब अकाउंट में बैलेंस नहीं है। ऐसे में कभी चेक पर साइन करने से पहले ये ध्यान दें कि खाता में पर्याप्त पैसे हैं या नहीं। अगर चेक बाउंस होता है तो इसके लिए जुर्माना भी देना पड़ सकता है। चेक बाउंस होने पर जुर्माना के साथ सजा भी हो सकती है। नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट 1881 के तहत चेक बाउंस में सजा का प्रावधान है।
चेक बाउंस तब होता है जब किसी वजह से कोई चेक रिजेक्ट होता है और पेमेंट नहीं होता है तब चेक बाउंस होता है। कई बार अकाउंट में बैलेंस नहीं होने के कारण चेक बाउंस होता है। कई बार व्यक्ति के हस्ताक्षर में अंतर होता है तब भी चेक बाउंस होता है।
तारीख सही लिखें
जब भी चेक जारी करते हैं तो तारीख सही से लिखनी चाहिए। कभी भी तारीख को लेकर भ्रम नहीं होना चाहिए। अगर गलत तारीख भरते हैं तो चेक बाउंस हो सकता है। जो कि वित्तीय रिकॉर्ड को सही करने के लिए काफी महत्वपूर्ण है।
चेक पर नाम सही लिखें
चेक पर हमेशा नाम सही से लिखना चाहिए। साफ ढंग से नाम लिखना चाहिए। हमेशा कोशिश करें कि चेक पर कुछ ना काटे। अगर कोई गलती होती है तब चेक रिजेक्ट हो सकता है।
अपने साइन पर ध्यान दें
आपको हमेशा चेक पर साइन करने से पहले सावधान रहना चाहिए। साइन में कहीं थोड़ा सा अंतर आ गया तो चेक स्वीकार नहीं किया जाएगा। कई लोग साइन करते हैं। अगर चेक पर साइन करते हैं तो चेक किसी को नहीं देना चाहिए। ब्लैंक चेक का कोई गलत उपयोग कर सकता है।

