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Finfluencers की सलाह पड़ेगी भारी, चमक-दमक की आड़ में चलता है ये खेल! निवेश से पहले रहे सावधान

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Finfluencers : कोरोना काल के बाद से Finfluencers की सोशल मीडिया पर बाढ़ आई है। इनकी निवेश सलाह को मानना खतरनाक हो सकता है। ये आकर्षित करने के लिए फेक स्क्रीनशॉट सलाह लेते हैं। जिस कारण बड़ी संख्या में इनके फॉलोवर्स बन जाते हैं। ऐसे Finfluencers से सावधान रहने की जरूरत है। इसके पूरे खेल के बारे में जानकार हैरान हो जाएंगे। आइए बताते हैं इसकी एक बानगी।
कैसे निवेश की सलाह देने वाले एडवाइजरों को अपनी काबिलियत दुनिया को साबित करनी चाहिए। इन्वेस्टमेंट एडवाइजरों को एक दिलचस्प सलाह एक जागरूक निवेशक ने बहुत बढ़िया तरीके से दी है। जिसमें उन्होंने पूरी कहानी लिखी है कि कैसे Finfluencers निवेशकों को अपने जाल में फंसाते हैं। जागरूक निवेशक के मुताबिक ‘मुझे मत बताओ, बस अपना पोर्टफोलियो दिखाओ’। ऐसा वो उन लोगों के लिए कहते जो दूसरों को सलाह देते हैं, उन्हें कहां निवेश करना चाहिए। ये उन सभी इन्वेस्टमेंट एडवाइजरों के लिए अमल करने वाली बात है जो कि अपने पोर्टफोलियो का पब्लिक रिकार्ड रखें।,

ट्रेडिंग सलाह का दावा

ये लिखते समय एहसास नहीं था कि इंटरनेट मीडिया के किसी ‘फिनफ्लुएंसर’ वाले तालेब का सुझाया आइडिया कुछ समय से पक रहा है। जो ट्रेडिंग सलाह का दावा करते हैं, वो इस तरह के स्क्रीनशाट पोस्ट करते हैं। जिसमें दिखे कि ये लोग ट्रेडिंग से कितना पैसा कमा रहे हैं। मुश्किल ये है कि नकली स्क्रीनशाट बनाना बहुत आसान है। असली-नकली स्क्रीनशाट में फर्क पहचानना उससे भी मुश्किल है। समय के साथ काफी लोग अब समझने लगे हैं कि स्क्रीनशाट किसी व्यक्ति के ट्रेडिंग के धुरंधर होने का प्रूफ नहीं है।

ब्रोकरों और ट्रेडिंग प्लेटफार्म ने तरकीब निकाली

स्क्रीनशाट पर अब ये अविश्वास उस समय पैदा हुआ जब से कई गलत साबित हुए हैं। तमाम फिनफ्लुएंसरों ने दुनिया को जो ट्रैक दिखाए थे, वो उनके द्वारा दी सलाह से जरा मेल नहीं खाते। ये मुश्किल अब सुलझ गई है। कुछ ब्रोकरों और ट्रेडिंग प्लेटफार्म ने तरकीब निकाली है कि ट्रेडर अपनी ट्रेडिंग का प्राफिट और लास (पीएंडएल) वेरिफाई किए जाने वाले तरीके से दिखा सकें। इसके लिए ट्रेंडर, ट्रेडिंग वेबसाइट लिंक जेनरेट करते हैं जो लोगों के बीच शेयर करते हैं। लिंक पर क्लिक करने पर ट्रेडर का प्राफिट और लास दिखाई देता है।

अहम बात ये है कि ये Link लोगों के साथ शेयर करने के पहले वो चुन सकते हैं क्या दिखाना है और किसको छुपाना है। इसका नतीजे भी आसानी से समझे जा सकते हैं। Broker द्वारा वेरिफाई किए P&L पर मुहर लगी होती है। लेकिन उसे सावधानी से tune किया जा सकता है।
ठीक वैसे ही, जैसे फर्जी स्क्रीनशॉट के साथ होता है। जब कोई फिनफ्लुएंसर स्क्रीनशाट पोस्ट करता है तब आप जानते हैं कि ये सच नहीं है। जब किसी बड़े ब्रोकर की वेबसाइट पर पीएंडएल दिखता है, तो इससे सच का आभास होता है। जो अनजान लोगों को मूर्ख बनाने का सबसे असरदार तरीका है।

अहम सवाल है कि Broker अपनी सर्विस में ऐसे featureक्यों जोड़ रहा है। ये किसकी Need को पूरा करता है? कौन इस फीचर की मांग करते है? दरअसल, ये इंटरनेट मीडिया का उपयोग करके रेगुलेशन को धोखा देने और रेगुलेटर के रडार से बचकर काम करने वाले इंटरनेट मीडिया के ट्रेडिंग एडवाइजरों को स्थापित करने का तरीका है। सेबी अनरेगुलेटेड ट्रेडिंग एडवाइजरों को हटाने पर गंभीर है। ऐसे में इन्हें काबू में रखना, ऐसे लोगों को निवेशकों से दूर रखने का अच्छा तरीका है।

कुछ लोग वेरिफाइड पीएंडएल का उपयोग करके, बिना कोई सर्विस बेचे दिखाते हैं कि वो क्या कर रहे हैं। इसकी मिसाल है कुछ ट्वीट हैं जो Finfluencers द्वारा किए गए हैं। उनकी एक बानगी है— ‘5 साल पहले, मेरी सैलरी सालाना 25 लाख रुपए थी। अब मेरा रोज का स्टाप-लास ट्रेड 25 लाख रुपए है।’ गजब है कि कैसे ट्रेडिंग जिंदगी इतनी जल्दी बदल जाती है। ये लोग अपनी साख तैयार कर रहे हैं या शायद सिर्फ दिखावा करते हैं।

दोनों ही मामलों में किसी का भला नहीं होता। इस खबर को पढ़ने के बाद ज्यादातर लोगों के लिए, किसी अंजान एडवाइजर से इंटरनेट पर ट्रेडिंग के टिप लेना एक अजीब बात होगी। इस लेख में मैंने ट्रेडर शब्द का इस्तेमाल बड़ी सोच समझकर किया है क्योंकि एक निवेशक ये काम नहीं करेगा और ट्रेडर व निवेशक के बीच का फर्क समझने का ये अच्छा तरीका है।

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