बरेली: एक बार और छात्र राजनीति के धुरंधर हुए मायूस, नहीं मिला टिकट

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बरेली: एक बार और छात्र राजनीति के धुरंधर हुए मायूस, नहीं मिला टिकट

लखनऊ/बरेली। छात्र राजनीति में धमाल मचाने वाले नेता इस बार भी विधानसभा चुनाव में हाथ ही मलते रह गए प्रबल दावेदारी के बाद भी किसी राजनीतिक दल ने युवा नेताओं पर भरोसा नहीं जताया अंदर खाने इस बात को लेकर युवा नेताओं में रोष भी है हालांकि अभी सभी भविष्य को देखते हुए अपने-अपने प्रत्याशियों को चुनाव लड़ाने में जुटे हुए हैं।

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सपा ने नहीं दिया नीटू को टिकट

2003 में बरेली कॉलेज के छात्र संघ अध्यक्ष रहे अनुराग सिंह नीटू ने इस बार समाजवादी पार्टी से कैंट विधानसभा का टिकट मांगा था। एक वक्त ऐसा भी आया जब टिकट की दौड़ में नीटू सबसे आगे चल रहे थे। उन्होंने पूरी विधानसभा में अपने फ्लेक्स और पोस्टर लगवा रखे थे। मगर,अंतिम समय में पार्टी ने पैरासूट प्रत्याशी सुप्रिया ऐरन को टिकट दे दिया।

भूपेंद्र का और बढ़ गया इंतजार

भूपेंद्र कुर्मी ने वर्ष 2006 में बरेली कालेज से छात्र संघ का चुनाव जीता था। वो बरेली कालेज से समाजवादी छात्र सभा के टिकट पर जीतने वाले एकमात्र छात्र संघ अध्यक्ष रहे। वो समाजवादी छात्र सभा के जिला अध्यक्ष भी रहे। पिछले वर्ष भूपेंद्र ने शेरगढ़ में ब्लॉक प्रमुख का चुनाव जीता। इस बार वो मीरगंज विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी का टिकट मांग रहे थे। पार्टी ने कद्दावर नेता सुल्तान बेग में ही भरोसा बनाये रखा।

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जवाहर को भी मिली सिर्फ मायूसी

बरेली कॉलेज में अपने नेतृत्व का जलवा बिखेरने वाले जवाहर लाल भाजपा संगठन में सक्रिय हैं। जवाहर बीते काफी दिनों से फरीदपुर विधानसभा से चुनाव की तैयारी कर रहे थे। वर्तमान विधायक डॉ श्याम बिहारी लाल की जगह वह टिकट की मांग कर रहे थे। संगठन से जुड़े होने के नाते भी उनके दावे को मजबूती मिल रही थी। हालांकि अंत में जवाहर के खाते में सिर्फ मायूसी ही आई। भारतीय जनता पार्टी ने वर्तमान विधायक श्याम बिहारी लाल को ही फिर से टिकट दे दिया। जवाहर ने टिकट नहीं मिलने के बाद भी सोशल मीडिया के माध्यम से चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। हालांकि पार्टी के दबाव के आगे वह शांत हो गए।

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