रंजीता सिन्हा
बाबा रामदेव और आईएमए के बीच का निरन्तर गर्माता विवाद अब तो मीडिया के माध्यम से देश की जनता को कोरोना कवरेज से भटकाने की कोशिश मात्र लगती है। एक ओर खुद अपनी कंपनी पतंजलि के सर्वेसर्वा योगगुरु बाबा रामदेव हैं तो दूसरी ओर देशभर के हजारों डॉक्टर। भला बाबा रामदेव को क्यों पड़ी है कि, ऐसे नाजुक दौर में बेवजह अंग्रेजी डॉक्टरों को नाकारा कहे? और दूसरी ओर आईएमए जैसा संगठान है, जिसने उस वक्त इतनी मुखरता नहीं दिखायी जब बाबा कोरेाना की कथित रामबाण दवा लांच कर रहे थे। वही आईएमए अब एक के बाद एक यानि बाबा के स्पष्टीकरण देेने के बावजूद क्यों नई मांगे उनके खिलाफ कार्रवाई की कर रहा है?
आईएमए ने पहले कहा बाबा अपना बयान वापस लें, फिर कहा मांफी मांगे, अब कह रहे हैं गिरफ्तारी हो उनकी बयान राजद्रोह का है। आईएमए का यह बयान कि बाबा पर राजदोह का मुकदमा लगाकर उनकी गिरफ्तारी की जाय कुछ ज्यादा नहीं हो गया? इधर बाबा बड़े फुर्सत से खिलखिलाते हुए मीडिया को संबोधित कर आईएमए की प्रतिक्रिया का जवाब देकर मानो तफरीह कर रहे हों? बाबा ने तो अब यहां तक कह दिया- बाबा को गिरफ्तार तो किसी का बाप भी नहीं कर सकता।
यहां बात कुछ हजम नहीं हो रही। कही बाबा रामदेव और आईएमए की आपसी मिलीभगत तो नहीं? इसमें देश की मीडिया उलझकर रह जाय और जनता का दिमाग भी कोरोना मसले से कहीं और चला जाय? राजद अध्यक्ष लालू यादव के बड़े बेटे और बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव ने भी नाम लिए बगैर योग गुरु बाबा रामदेव पर बयान देकर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने देशवासियों को उनसे सावधान रहने को भी कहा।
तेज प्रताप ने ट्वीट कर कहा, ऐसा नहीं लग रहा है कि ये बाबा हमारे देश को एक अलग मुद्दा थोप रहा है, हमें असल मुद्दे से भटकाने की पुरजोर कोशिश में है। याद रखें देशवासियों, ये बाबा भी उसी फकीर के गैंग का सरगना है।
गौरतलब है कि, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की तरफ से प्रधानमंत्री को एक चि_ी लिखी गई है, जिसमें कहा गया है कि रामदेव वैक्सीन को लेकर जो भ्रामक कैंपेन चला रहे हैं, उसे रोका जाना जरूरी है। क्योंकि रामदेव कह रहे हैं कि 1 हजार डॉक्टर और लाखों लोग वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बावजूद मर गए। आईएमए ने रामदेव के खिलाफ राजद्रोह के तहत मुकदमा दर्ज करने की भी मांग की है।
पीएम से लिखित तौर पर आईएमए ने कहा कि, हमें आपको ये बताते हुए दुख हो रहा है कि, पतंजलि प्रोडक्ट्स के ओनर रामदेव ने एक वीडियो में ये कहा है किए एक हजार डॉक्टरों की कोरोना की दोनों वैक्सीन लेने के बाद भी मौत हो गई। साथ ही ये भी कहा कि लाखों लोगों की मौत एलोपैथिक दवाएं लेने से हुई है।
आईएमए ने आगे कहा है किए हम सभी लोग भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय और आईसीएमआर की तरफ से जारी गाइडलाइन के मुताबिक करोड़ों लोगों का इलाज कर रहे हैं। ऐसे में अगर कोई ये दावा कर रहा है कि एलोपैथिक दवाओं से लोगों की मौत हो रही है तो ये सीधे मंत्रालय को चुनौती देने जैसा है, जिसने हमें इलाज का प्रोटकॉल दिया है।
यहां खास ध्यान देने वाली बात तो यह है कि, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी कई दफा देशवासियों को संबोधित करते हुए कोरोना की दवा के नाम पर किसी अफवाह से बचने के साथ केवल वैज्ञानिक व डॉक्टर्स की सलाह पर चलने की अपील कर चुके हैं। कोरोना वैक्सीन से पहले अचानक कोरोनिल दवा की लांचिंग करने और अब वैक्सीन व अंगे्रजी दवाओं का मजाक उड़ाकर बाबा आखिर किसकी बातों को झूठा साबित करने की हिमाकत में हैं?

