Azam Khan Released : मेरी तबाहियों में मेरे अपनों का बड़ा हाथ है, रामपुर पहुंचकर बोले आज़म

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रामपुर। दो साल दो माह 24 दिन बाद सपा विधायक आजम खां आज रामपुर अपने घर पहुंचे, सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम ज़मानत के बाद वह आज सुबह ही सीतापुर जेल से बाहर आये हैं. रामपुर में अपने घर पहुंचकर आज़म खान ने इशारों इशारों बहुत कुछ ऐसा कह दिया जिसकी चर्चाएं इन दिनों यूपी के सियासी गलियारों में चल रही हैं। 

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रामपुर पहुंचकर आज़म खान ने कहा कि मेरे चाहने वालों ने कोशिश बहुत की लेकिन मैं अब भी ज़िंदा हूँ, उन्होंने कहा कि मेरी तबाहियों में मेरे अपनों का बड़ा हाथ है. आज़म खान की इस सांकेतिक भाषा के अब अपने अपने तरीके से मायने निकाले जा रहे हैं. वहीँ उन्होंने यह भी कहा कि इस सरकार को हमारे से इतनी नफरत क्यों,कभी मुलाकात हुई तो जानने की कोशिश करूंगा’! 

सपा विधायक के चेहरे पर जेल का खौफ साफ झलक रहा था। उनमें वो तेवर नहीं थे जो जेल जाने से पहले या फिर 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान रामपुर में देखे गए थे। आज जेल से बाहर आने के बाद आजम खाने के बात करने के लहजे में नरमी थी। रामपुर पहुंचने के बाद उन्होंने यहीं कहा कि जो कुछ उनके साथ जेल में हुआ वो उनके चेहरे से नजर आ रहा है। इस सरकार को हमसे इतनी नफरत क्यों है। वो ये समझ नहीं पा रहे हैंं। कभी मुलाकात होने पर यह जानने की कोशिश करेंगे। 

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वहीं बाबरी और ज्ञानवापी मामले में आजम खान ने बोलने से परहेज किया। लेकिन इतना जरूर कहा कि बाबरी और ज्ञानवापी मामले में काफी फर्क है। बाबरी पर सैकड़ों सालों बाद फैसला आया। जबकि ज्ञानवापी पर सुप्रीम कोर्ट ने चंद दिनों में आदेश दिए। जमानत को लेकर आजम खां ने कहा कि जज साहब ने कहा है कि जिस व्यक्ति के खिलाफ साक्ष्य नहीं हैं उसे जेल में क्यों बंद कर रखा है। इसके बाद चुनाव को लेकर उन्होंने कुछ भी बोलने से मना कर दिया। कहा कि मैं मुल्क जमीन और जमीर बेचने वाला नहीं हूं। मैं मोबाइल चलाना भी भूल गया हूं।

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