यूपी चुनावी दंगल 2022: फर्जी आधार कार्डों से चुनाव में रची बड़ी साजिश,मास्टमाइंड युवती आपरेट कर रही थी गैंग

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यूपी चुनावी दंगल 2022: फर्जी आधार कार्डों से चुनाव में रची बड़ी साजिश,मास्टमाइंड युवती आपरेट कर रही थी गैंग

गाजियाबाद। यूपी चुनावी दंगल 2022- फर्जी आधार कार्ड बनाकर चुनाव में बड़ी साजिश की तैयारी की जा रही थी। खास बात ये कि आसाम से यूआईडीएआई साफ्टवेयर के जरिए जिले से आधार कार्ड सेंटर चलाया जा रहा था। इस पूरे सेंटर की संचालिका बिजनौर की रहने वाली एक युवती है। यहीं युवती इस पूरे गैंग की मास्टमाइंड बताई जा रही है। इसी युवती ने फर्जी आधार सेंटर चलाने का ताना बना बुना। इस सेंटर पर बाग्लादेशी और म्यामार से आए लोगों के आधार कार्ड फर्जी तरीके से बनाए जाते हैं। इसका खुलासा पुलिस की जांच में हुआ है। यहां पर जिस स्टाफ को काम पर रखा गया था वे सभी सेलरी पर नहीं बल्कि कमीशन पर रखे गए थे। इस सेंटर पर बिना किसी पहचान पत्र के आधार कार्ड तैयार किया जाता था। एक आधार कार्ड बनाने का 2 हजार से 3 हजार रुपया तक वसूला जाता था। हैरानी की बात ये है कि सेंटर पिछले काफी महीनों से संचालित हो रहा था। लेकिन इसकी जानकारी पुलिस को भी नहीं थी। महिला ने रिपोट ऐप के जरिए आसाम की आईडी को गाजियाबाद में कई कम्प्यूटरों पर खोला हुआ था। ये लोग आसाम की आईडी को साफ्टवेयर के जरिए खोलते थे और आंखों के रेटिना के हाई डेंफिनेशन के फोटो प्रयोग करते थे। पुलिस महिला की तलाश कर रही है।

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बताया जाता है कि महिला और उसके साथ गैंग चलाने वाले लोग फरार हैं। पकड़े गए लोगों ने बताया कि वे अब तक 5 हजार से अधिक फर्जी आधार कार्ड बना चुके हैं। ये 5 हजार आधार कार्ड अब पुलिस के लिए सरदर्द बन गए हैं। ये आधार कार्ड किसके बनाए गए हैं और वे लोग कहां पर रह रहे हैंं इनको तलाशना पुलिस के ​लिए बड़ी टेड़ी खीर है। पुलिस इस चीज की भी चेकिंग कर रही है कि कहीं इनके तार चुनाव के लिए वोटर कार्ड बनाने वालों से तो नहीं जुड़े हैं। पूरे गिरोह की मास्टमाइंड जया चौहान को पुलिस सरगर्मी से तलाश रही है। इस महिला की तलाश में पुलिस ने दिल्ली से लेकर नोएडा और बिजनौर तक छापेमारी की है। वहीं एसओजी भी महिला की तलाश में जुट गई है। माना जा रहा है कि जब तक महिला जया पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ती तब तक फर्जी आधार कार्ड सेंटर की गुत्थी सुलझने में समय लग सकता है।

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