यूपी चुनावी दंगल 2022: यूपी मतदान का बदला इतिहास, पहली बार डोर स्टेप वोटिंग

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यूपी चुनावी दंगल 2022: यूपी मतदान का बदला इतिहास, पहली बार डोर स्टेप वोटिंग

बुजुर्ग और दिव्यांग जनों के लिए घर पहुंचा चुनाव आयोग, घर बैठ कर दिए लोगों ने वोट

यूपी चुनावी दंगल 2022 – लोकतंत्र में एक-एक मतदाता अत्यंत महत्वपूर्ण है। मतदान का अधिकार हर एक व्यक्ति उठा पाए इसके लिए चुनाव आयोग ने कई नए नियम जोड़े हैं। उत्तर प्रदेश के इतिहास में आगामी विधानसभा चुनावों में पहली बार प्रदेश में डोर स्टेप वोटिंग यानी घर से मतदान करने की सुविधा प्रदान की है। इसके तहत प्रदेश के कई जिलों में आज से घर-घर मतदान की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। यह सुविधा 80 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग और दिव्यांग जनों को उपलब्ध करवाई जा रही है। हालांकि कोविड-19 संक्रमित और संदिग्ध मरीजों के लिए भी यह सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।

कहीं सत्यापन, कहीं मतदान

प्रदेश में सोमवार को डोर स्टेप वोटिंग की प्रक्रिया आरंभ की गई। जिसके तहत जिलों में मतदान हुआ। जबकि कई जिलों में सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की गई। मेरठ में 7 विधानसभा क्षेत्रों में से 2 विधानसभा क्षेत्रों में इस प्रक्रिया के जरिए वोटिंग करवाई गई। मेरठ दक्षिण और मेरठ शहर में सुबह 8:00 बजे से पोलिंग पार्टियां ऐसे लोगों के घर पहुंची जिन्होंने घर बैठकर मतदान करने की इच्छा प्रकट की थी। सातों विधानसभा क्षेत्रों में 1361 लोगों ने प्रशासन से इस सुविधा को उपलब्ध करवाने की इच्छा जताई थी।

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पोस्टल बैलेट का है अपग्रेड वर्जन

चुनाव आयोग मतदाता के घर पहुंच रहा है। पोस्टल बैलेट के अपग्रेड वर्जन डोर स्टेप वोटिंग के जरिए चुनाव आयोग खुद उनके दरवाजे पर जाकर वोटिंग करवा रहा है। पोस्टल बैलेट का प्रयोग अभी तक तीनों सेनाओं, देश से बाहर रह रहे सरकारी अधिकारी, ड्यूटी पर लगाए गए चुनाव कार्मिक व पुलिसकर्मी ही उठा सकते थे। लेकिन इस को विस्तार देते हुए चुनाव आयोग ने अब इसमें दूसरी श्रेणी को भी जोड़ दिया है। इसका उद्देश्य लोकतंत्र के महापर्व में अधिक से अधिक लोगों को शामिल करना है।

कोरोना महामारी में मिली सुविधा

वैश्विक महामारी कोरोना का असर चुनावों पर भी पड़ा है। डोर स्टेप वोटिंग की शुरुआत सबसे पहले 2019 में झारखंड में हुए विधानसभा चुनावों में हुई थी। इसके बाद बिहार में भी कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान इस सुविधा का लाभ दिया गया था। 2021 में पुडुचेरी और तमिलनाडु में भी चुनाव आयोग ने इस सुविधा के जरिए मतदान करवाए थे। इसमें 80 साल से ऊपर के वरिष्ठ नागरिक पीडब्ल्यूडी यानी पर्सन विद डिसेबिलिटी और कोविड-19 से प्रभावित मरीजों के लिए पांच राज्यों में यह सुविधा प्रदान की जा रही है।

वीडियो ग्राफी और गोपनियता रहेगी बरकरार

डोर स्टेप वोटिंग के दौरान मतदाता द्वारा किस प्रत्याशी को वोट दिया गया है। यह पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। जबकि पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की जाएगी।कड़ी निगरानी और पुख्ता सुरक्षा के बीच घर-घर जाकर पोलिंग पार्टियां इच्छुक एक एक व्यक्ति का मतदान करवाने में जुट चुकी हैं। इस पूरी प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से पूर्ण करवाने के बाद सील बंद लिफाफे को ट्रेजरी में जमा करवा दिया जाएगा।

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यह है प्रक्रिया

सेक्टर मजिस्ट्रेट, माइक्रो ऑब्जर्वर और मतदान अधिकारी समेत अन्य सदस्यों की एक टीम सबसे पहले मतदाता के घर पहुंचेगी। उसके बाद मतदाता को पूरी प्रक्रिया समझाई जाएगी। मतदाता को आयोग द्वारा जारी सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी। जिसमें दो लिफाफे, एक घोषणापत्र और बैलेट दिया जाएगा। बैलेट को भरने के बाद उसे लिफाफे में बंद कर सील लगवाकर मतदान अधिकारी को दिया जाएगा।

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