मेरठ। गत फरवरी माह से प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 (Assembly elections 2022) का कार्यक्रम चल रहा है। उप्र विधानसभा चुनाव 2022 का सात चरणों में मतदान हुआ। मतदान के इन चरणों में पुलिस की डयूटी लगी। लिहाजा अन्य सभी कामों पर रोक सी लग गई। इनमें थानों में अपराधों की समीक्षा के अलावा जिलों में मिलने वाली लावारिश लाशों की शिनाख्त का काम भी शामिल हैं। जिलों के मोर्चरी में रखी लावारिश लाशें पुलिस कर्मियों का इंतजार कर रही है। कब पुलिसकर्मी चुनावी डयूटी से वापस लौटकर आए और लावारिश लाश की शिनाख्त कर उनका क्रिया कर्म करवाए या फिर उनके परिजनेां केा सौंपे। जिससे मरने वालों की आत्मा को शांति मिल सके। फरवरी माह में मेरठ मंडल के जिलों में करीब 10 लाशें विभिन्न जिलों में अब तक मिल चुकी हैं। जिनकी अभी तक शिनाख्त नहीं हो सकी की। इन लाशों को मोर्चरी में रखवाया गया है।
एक माह के भीतर मिले इन शवों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। पुलिसकर्मियों के चुनाव ड्यूटी में लगे होने से लाशों की शिनाख्त और उनकी पहचान का काम अधूरा पड़ा हुआ है। जिससे ये काम अब पूरी तरह से बाधित है। अब इन लावारिश लाशों को भी 10 मार्च तक इंतजार करना होगा। उसके बाद ही इनको अपनों की पहचान मिल सकेगी। हालांकि लावारिश लाशों को अधिक समय तक रोका नहीं जाता है। इन लावारिस लाशों (Unclaimed corpses) का मिलने के 72 घंटे बाद पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार करा दिया जाता है। लेकिन मृतक कौन था, कहां से था, इन सब सवालों का जवाब खोजना बाकी है। ये भी अब 10 मार्च के बाद ही पता चलेगा। जब जिलों के थानों में पुलिसकर्मियों की वापसी होगी और वे इन लावारिश लाशों के बारे में जांच पड़ताल कर पता करेंगे कि आखिर लाश कहां से आई और किसकी थी।

