हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है। प्रदोष का व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए होता है। इस बार रविवार 26 जून को प्रदोष व्रत है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा होती है। प्रदोष के दिन व्रत और पूजा कैसे करें और किन उपायों को करने से भाग्योदय होगा। यह बता रहे हैं ज्योतिषार्चा। प्रदोष व्रत के दिन स्नान करने के बाद शंकर, पार्वती और नंदी को पंचामृत और गंगाजल से स्नान कराएं। तांबे के लोटे से सूर्यदेव को अर्ध्य देें। पानी में आकड़े का फूल मिलाएं। आंकड़े का फूल भगवान शिव को विशेष प्रिय हैं। ये उपाय करने से सूर्यदेव और शिवजी की विशेष कृपा होगी और भाग्योदय होगा।
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इसके बाद बेल पत्र, चावल,गंध, धूप, फूल, नैवेद्य (भोग), दीप, पान, फल, लौंग,सुपारी, इलायची को चढ़ाएं। पूरे दिन निराहार रहे अगर संभव ना हो तो एक समय फलाहार किया जा सकता है। शाम को फिर से इसी प्रकार शिव परिवार की पूजा करें।भगवान शिवजी को घी शक्कर मिले जौ का सत्तू भोग में लगाएं। इसके बाद आठ दीपक आठ दिशाओं में जलाएं। शिवजी की आरती करें। शिव को प्रसाद का भोग लगाए फिर उसी प्रसाद से अपना व्रत तोड़ें।उस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें।

