अमित बिश्नोई
कोरोना की बढ़ती चिंताओं के बीच कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा कल दिल्ली पहुंचेगी और उसके बाद दस दिन का विराम लेकर उत्तर प्रदेश में प्रवेश करेगी। बता दें कि यूपी में भारत जोड़ो यात्रा सिर्फ तीन ज़िलों से गुज़रेगी और 110 किलोमीटर का सफर तय करेगी। यात्रा गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर से तीन जनवरी को प्रवेश करेगी, चार जनवरी को बागपत, पांच को शामली और छह जनवरी को कैराना से होते हुए हरियाणा में एक बार फिर प्रवेश कर जाएगी। हालाँकि रुट के हिसाब यह यात्रा यूपी के सिर्फ तीन ज़िलों से ही गुज़र पाएगी लेकिन इस 110 किलोमीटर की यात्रा के दौरान राहुल गाँधी पूरे यूपी को एक राजनीतिक सन्देश देने की कोशिश करेंगे.
यूपी कांग्रेस यात्रा को लेकर रूपरेखा बना चुकी है, कल समन्वय समिति के प्रमुख सलमान खुर्शीद की अगुवाई में बैठक हुई जिसमें यात्रा को कामयाब बनाने के लिए पूरी रणनीति बनाई गयी. यूपी कांग्रेस के लिए यूपी के छोटे से हिस्से में यात्रा को सफल बनाना किसी चैलेन्ज से कम नहीं है. अभी तक जिन जिन राज्यों से कांग्रेस पार्टी की यात्रा सफलता के झंडे गाड़ते हुए गुज़री, तो उसका बहुत बड़ा सेहरा संगठन को जाता है, उन सारे राज्यों चाहे भाजपा शासित हो, कांग्रेस शासित हों या फिर किसी और पार्टी द्वारा शासित हों, कांग्रेस का संगठन उत्तर प्रदेश की तुलना में बहुत मज़बूत रहा है, यूपी वो पहला राज्य है जहाँ कांग्रेस पार्टी का संगठन सबसे कमज़ोर है.
यूपी में भारत जोड़ो यात्रा को राजनीतिक और विपक्षी एकता का रंग देने की कोशिश की जाएगी क्योंकि इस यात्रा में शामिल होने के लिए सभी विपक्षी पार्टियों के प्रमुखों जिसमें अखिलेश यादव, मायावती, जयंत चौधरी, ओम प्रकाश राजभर और चंद्रशेखर आज़ाद को भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने का निमंत्रण भेजा जा रहा है. सलमान खुर्शीद ने स्वयं ओम प्रकाश राजभर को इस बारे में फोन किया और जानकारी के मुताबिक उन्होंने सलमान खुर्शीद को आश्वासन दिया है. यात्रा यूपी से गुज़र रही है इसलिए प्रियंका गाँधी का होना लाज़मी है. अभी तक वो बीचबीच में राहुल का समर्थन करने यात्रा में पहुंची हैं लेकिन अब पहली बार वो चारों दिन यात्रा में राहुल गाँधी के साथ नज़र आएँगी.
भाई-बहन की यह जोड़ी यूपी में यात्रा के ज़रिये सियासी माहौल बनाने का प्रयास करेगी। यूपी में यात्रा से पहले कांग्रेस पार्टी ने सामाजिक समीकरण को ध्यान रखते हुए अति पिछड़ा वर्ग के लोगों को जोड़ना शुरू किया है, निषाद समाज के युवा नेता कुंवर सिंह निषाद हाल ही में भाजपा छोड़कर कांग्रेस पार्टी से जुड़े हैं , लखनऊ में कांग्रेस दफ्तर में इन दिनों चुनावी सीजन की तरह पार्टी जोइनिंग कैम्पेन भी चल रहा है जो इसी यात्रा की एक कड़ी बताया जा रहा है. इसके अलावा प्रदेश में अति पिछड़ा वर्ग के जितने भी संगठन है उन सबके प्रमुखों को यात्रा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है. सलमान खुर्शीद से मिली जानकारी के मुताबिक यूपी में 11 हज़ार भारत यात्री राहुल और प्रियंका के साथ नज़र आएंगे। यूपी में चार दिन की इस यात्रा में सभी पिछड़ी और अति पिछड़ी जातियों के मुख्य नेताओं को राहुल गाँधी के साथ आगे की पंक्ति में रखकर 2024 के चुनाव के लिए एक राजनीतिक सन्देश देने की कोशिश की जाएगी। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या वो अपने प्रयास में सफल हो पायेगी? समन्वय समिति के प्रमुख सलमान खुर्शीद क्या यूपी के बड़े कांग्रेस नेताओं में समन्वय बनाने की क्षमता रखते हैं, खैर अभी यूपी टीम के पास समन्वय बिठाने का काफी समय है.

