हाथरस हादसे को लेकर बहुत कुछ न कहते हुए भी विपक्षी राजनीतिक पार्टियां काफी कुछ सन्देश जनता के बीच पहुंचा रही हैं और भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार को घेर रही हैं. कल नेता विपक्ष राहुल गाँधी ने हाथरस भगदड़ के पीड़ितों से मुलाक़ात करके प्रशासनिक लापरवाई की बात कही, वहीँ आज समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस घटना के कुछ आरोपियों की गिरफ़्तारी पर सरकार को घेरा है. अखिलेश ने कहा कि छोटी मोटी गिरफ्तारियां करके योगी सरकार सैकड़ों हताहतों की मौत से पल्ला झाड़ लेना चाहती है. अखिलेश ने इन गिरफ्तारियों को एक षड्यंत्र भी बताया।
सपा प्रमुख ने कहा कि जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है वो लोग तो आयोजन स्थल पर थे ही नहीं, ये सभी गिरफ्तारियां सरकार ने किसी ख़ास मंशा के तहत की हैं, अखिलेश ने कहा कि साज़िश के तहत हुई इन गिरफ्तारियों की न्यायिक जांच होनी चाहिए ताकि बाबा की सरकार का खेल लोगों के सामने आये. अखिलेश यादव ने कहा कि इतनी बड़ी घटना पर सरकार लीपापोती में जुटी हुई है, वो सबक नहीं सीखना चाहती। अखिलेश ने कहा कि सरकार कह रही है कि इस आयोजन से उसका कोई लेना देना नहीं है, किसी आयोजन में पचास हज़ार लोगों के आने की अनुमति लेकर डेढ़ लाख लोगों को इकठ्ठा कर लिया जाय और सरकार का इससे कोई लेना देना ही नहीं। अगर ऐसा है तो फिर इस सरकार को सत्ता में रहने का कोई हक़ ही नहीं क्योंकि सरकार की इन बातों का मतलब तो यही निकाला जायेगा कि इन गरीब लोगों से उसका कोई लेना देना नहीं।
बता दें कि भोले बाबा के सत्संग में शामिल होने वाले अधिकांश लोग गरीब तबके से ही थे जिनमें महिलाओं की संख्या बहुत ज़्यादा थी. अखिलेश ने कहा कि पुलिस प्रशासन फ़र्ज़ी तरीके से इस भगदड़ काण्ड में लोगों को फंसा रही है। बता दें कि हाथरस के हादसे से पूरे देश को हिलाकर रख दिया। इस भगदड़ में 121 लोगों की दबकर और कुचलकर मौत हो गयी थी.

