मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जिले में टोल कराये फ्री
मांगे मान लिये जाने पर ही आंदोलन समाप्त करने का ऐलान
मेरठ । कृषि कानूनों के विरोध में भाकियू के आह्वान पर शनिवार को भाकियू कार्यकर्ताओं ने मेरठ और आसपास के जिलों में टोल प्लाजा को फ्री करा कर धरना-प्रदर्शन किया। वहीं मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जिले में बड़ी संख्या मंें जुटे किसानों ने हाईवे जाम कर दिया। किसानों ने सरकार द्वारा मांगे मान लिये जाने पर ही आंदोलन समाप्त करने का ऐलान किया।

कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन को तेज करने के लिये भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने शनिवार को टोल प्लाजा को फ्री कराने का आह्वान किया था। शनिवार को 11 बजे से किसानों ने टोल प्लाजा पर चढ़ाई करते हुए उसे फ्री करा दिया। उग्र भाकियू कार्यकर्ताओं और किसानों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की भी नहीं सुनी और टोल प्लाजा पर धरना देकर बैठ गये। मेरठ और आसपास के जिलों में भाकियू ने टोल पर पूरी तरह से कब्जा कर प्रदर्शन किया। रहे।

मेरठ में सिवाया टोल प्लाजा, बागपत में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे के मवीकला टोल, मुजफ्फरनगर में रोहना टोल और सहारनपुर में चमारी खेड़ा टोल प्लाजा, शाहजहांपुर स्थित टोल प्लाजा को कब्जा कर टोल फ्री कर दिया। किसानों के उग्र तेवर देखकर पुलिस ने भी उन्हें रोकने की कोशिश नहीं की। देखते ही देखते टोलों पर भाकियू के झंडे फहरने लगे।

तीनों नए कृषि कानून रद करने होंगे
उग्र प्रदर्शन कर रहे भाकियू कार्यकर्ता और किसानों ने एक सुर में ऐलान किया की केंद्र सरकार द्वारा पारित तीनों नये कृषि कानून वापस लिये जाने पर ही आंदोलन समाप्त किया जायेगा। किसानों ने कर्ज माफ करने, बिजली मूल्य घटाने और बकाया गन्ना भुगतान कराने की मांग भी की।

