हाथरस में आयोजित एक सत्संग में हुई भगदड़ में भोले बाबा के 120 से ज़्यादा भक्तों की मौत हो गयी, कहा जा रहा है भोले बाबा फरार हैं, आयोजकों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गयी है मगर उसमें भोले बाबा का नाम नहीं है. इस हादसे पर राजनीतिक दलों के नेताओं के बयान भी सामने आये हैं और विपक्ष के नेताओं ने इस प्रशासन की लापरवाई बताया है, इतने बड़े आयोजन के लिए अनुमति देने से पहले सुरक्षा के इन्तेज़ामों की अनदेखी की गयी. सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कल हाथरस के हादसे पर योगी सरकार को घेरा था और कहा था कि इसके लिए सरकार ही पूरी तरह ज़िम्मेदार हैं वहीँ आज पार्टी के मुख्य महासचिव और राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि ये एक हादसा है कोई साज़िश नहीं और हादसे तो होते ही रहते हैं.
रामगोपाल यादव ने गुरुवार को पत्रकारों से कहा कि कई बार ऐसी स्थिति बन जाती है, ज़्यादा भीड़ हो जाती है। भोले बाबा से लोगों की आस्था इतनी थी जिस कारण से बड़े पैमाने पर भीड़ हुई। यह हादसा है न कि कोई साजिश है, जैसा कि लोग कह रहे हैं। सरकार को इस प्रकार के आयोजनों के लिए एसओपी निर्धारित करनी चाहिए कि कितनी भीड़ हो और आने-जाने की व्यवस्थाएं सुरक्षा के इंतजाम और बाकी की चीजे तय करना चाहिए।
वहीं समाजवादी पार्टी के प्रमुख और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने कल कहा था कि इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की है। प्रशासन को हमेशा इस बात के लिए काम करना चाहिए कि कार्यक्रम अच्छे से संपन्न हो और सभी सुरक्षित आए और जाए। हमें उम्मीद है आने वाले समय में सरकार और प्रशासन इस बात का ध्यान रखेगी।अखिलेश ने कहा कि सरकार हर बात छुपाना चाहती है ? सरकार अपनी जिम्मेदारियों से भाग नहीं सकती। इन सबके बीच खबर आ रही कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी हाथरस जाकर पीड़ितों के परिजनों से मुलाकात कर सकते हैं। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि कांग्रेस इसको लेकर कार्यक्रम बना रही है।

