राजस्थान में उस समय अचानक राजनीतिक हलचल तेज हो गई जब सरकार के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीना ने अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि संगठन और मुख्यमंत्री से उनकी कोई नाराजगी नहीं है। आपको बता दें कि किरोड़ी लाल ने कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपा था। किरोड़ी लाल ने कहा कि वे दो दिन से दिल्ली में थे। उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव ने बातचीत के लिए बुलाया था लेकिन किसी कारणवश वे उनसे नहीं मिल पाए। अब उनके इस्तीफे पर फैसला आलाकमान करेगा।
दरअसल, लोकसभा चुनाव में किशोरी लाल मीना ने कहा था कि अगर वे जिन 7 सीटों का जिक्र कर रहे हैं, उन पर चुनाव हार जाते हैं तो वे इस्तीफा दे देंगे। ऐसे में उनके द्वारा बताई गई 7 सीटों में से 4 पर भाजपा चुनाव हार गई, जिसके बाद उन पर इस्तीफा देने का दबाव था। कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा था कि डॉक्टर साहब अपनी बात के पक्के आदमी हैं।
चुनाव के बाद किरोड़ी लाल ने लंबे समय तक सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल बंद कर दिया था. इसके अलावा वे सचिवालय की बैठकों से भी गायब रहने लगे थे. अब उनके इस्तीफे की खबर सभी के लिए किसी आश्चर्य से कम नहीं है. गौरतलब है कि 6 बार विधायक, 2 बार लोकसभा और 1 बार राज्यसभा सांसद रह चुके किरोड़ी लाल मीना ने लोकसभा चुनाव नतीजों से एक दिन पहले बड़ा बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री ने दौसा में रोड शो के बाद उन्हें 7 सीटों की जिम्मेदारी दी है. अगर हम 7 सीटों में से एक भी हारे तो मैं मंत्री पद छोड़ दूंगा. इनमें भरतपुर, धौलपुर-करौली, अलवर, जयपुर ग्रामीण, दौसा, सवाई माधोपुर, टोंक और बारां-झालावाड़ सीटें शामिल हैं.

