नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने दावा किया है कि भारत 9 या 10 प्रतिशत नहीं बल्कि 11 प्रतिशत की दर से आगे बढ़ेगा। उन्होंने अपने दावे को सही साबित करते हुए कहा कि देश में आज राज्यों के बीच आगे बढ़ने का कम्पटीशन चल रहा है, ऐसे में भारत को आगे बढ़ना ही है. उन्होंने कहा कि आज देश के कई राज्य ‘ईज ऑफ बिजनेस डूइंग’ में एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ लगाए हुए हैं। राज्य में ज़्यादा से ज़्यादा निवेश आये इसके लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। इस मामले में उन्हें केंद्र से भरपूर मदद भी मिल रही है.
एक टीवी चैनल के प्रोग्राम में अमिताभ कांत ने कहा कि जबसे हमने ‘ईज ऑफ बिजनेस डूइंग’ करना शुरू किया, पहले ही साल गुजरात टॉप पर आया. इसके अगले ही साल गुजरात को आंध्र प्रदेश ने पीछे धकेल दिया और अगले ही बरस तेलंगाना ने गुजरात और आंध्र दोनों को पीछे कर दिया. इस होड़ का फायदा ये हुआ कि छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे राज्य चौथे-पांचवे नंबर पर आने लगे. इन राज्यों ने अपने यहां कई ऐसे कानून खत्म किए जिसने तरक्की की राहों को खोला।
अमिताभ कांत ने कहा कि अगर 2047 तक भारत को विकसित देश बनना है तो इसके लिए 2035 तक हमें 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना होगा और इसके लिए हमें अगले 3 दशक तक 9 या 10 प्रतिशत की दर से ग्रोथ करना होगा. उन्होंने कहा कि साल 2047 तक सभी भारतियों की औसत आयु 35 साल होगी इसलिए भारत के पास ग्रोथ करने के लिए ये डेमोग्राफिक फायदा है. अमिताभ कांत ने कहा कि बीते सालों में हमने जो बदलाव किए हैं उन पर हमें गर्व करने का मौका है. उन्होंने भारत में प्राइवेट सेक्टर से ग्लोबल ब्रांड्स डेवलप करने को कहा ताकि दुनिया को भारत की ताकत का एहसास हो सके.

